उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर जिले के रुद्रपुर में रविवार की सुबह गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठी। रुद्रपुर कोतवाली क्षेत्र के फाजलपुर महरौला स्थित प्रीत विहार की ग्रेटर कैलाश कॉलोनी से सटे एक खेत में जमीन कब्जे को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। यूपी-उत्तराखंड सीमा पर स्थित इस क्षेत्र में सुबह करीब साढ़े दस बजे जब खेत की जुताई और पिलर गाड़ने का काम चल रहा था, तभी अचानक हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस भीषण गोलीबारी में बिहार के रहने वाले पैंतीस वर्षीय युवक कार्तिक की मौत हो गई, जबकि ट्रैक्टर चालक भी हमलावरों की गोली का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हुआ है। इस वारदात ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।

मजदूरी करने पहुंचा था मृतक युवक
इस घटना का सबसे मार्मिक पहलू यह है कि मृतक कार्तिक महज दो दिन पहले ही गोवा से नैनीताल घूमने के लिए अपने दोस्त सूरज के पास रुद्रपुर आया था। बताया जा रहा है कि पास में पैसे कम होने के कारण वह अपने दोस्त के साथ मजदूरी करने खेत पर चला गया था। जहाँ वह पिलर गाड़ने का काम कर रहा था, उसी दौरान घात लगाए हमलावरों ने हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुबह साढ़े दस बजे जैसे ही गोलीबारी शुरू हुई वहां भगदड़ मच गई। कार्तिक जान बचाने के लिए बदहवास होकर खेत से बाहर की तरफ भागा लेकिन हमलावरों की एक गोली उसकी पीठ को चीरते हुए आर-पार हो गई। वह लहुलुहान अवस्था में भागते हुए ग्रेटर कैलाश कॉलोनी के गेट तक पहुँचा और वहीं जमीन पर गिर पड़ा। अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

विवाद की जड़ और चश्मदीद का बयान
मृतक के दोस्त सूरज ने घटना के पीछे की बड़ी जानकारी साझा की है। सूरज के अनुसार, गोलीबारी शुरू होने से ठीक पहले एक युवक खेत पर आया था और वह जबरन खेत जोतने से मना कर रहा था। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और विवाद हो गया। विवाद के बाद वह युवक वहां से अपनी बाइक उठाकर पास ही स्थित अपने घर पहुंचा और कुछ ही देर में वहां से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जमीन के मालिक सिमरनजीत सिंह का आरोप है कि आरोपी पक्ष जबरन उसकी पुश्तैनी खेती की भूमि पर कब्जा करना चाहता है। सिमरनजीत ने बताया कि जब जुताई का काम चल रहा था, तभी अचानक अज्ञात हमलावरों ने फायरिंग शुरू की जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए ट्रैक्टर छोड़कर भागे चालक को भी गोली लगी है जिसका इलाज फिलहाल जिला अस्पताल में चल रहा है।

मौके पर पुलिस प्रशासन और सख्त कार्रवाई
सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी मनोज रातूड़ी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी मणिकांत मिश्रा और सीओ प्रशांत कुमार ने भी घटनास्थल और कॉलोनी के गेट का बारीकी से मौका मुआयना किया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई और साक्ष्य एकत्र करने के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर तैनात किया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है जिनसे गोपनीय तरीके से पूछताछ की जा रही है। मौके पर सड़क पर खाली खोखे बिखरे मिले हैं जिन्हें पुलिस ने साक्ष्य के रूप में कब्जे में ले लिया है। पूरे इलाके को पुलिस ने छावनी में तब्दील कर दिया है और मीडिया को भी घटनास्थल के मुख्य केंद्र तक जाने की इजाजत नहीं है।

दोषियों को नहीं बख्शने की चेतावनी
घटनास्थल का मुआयना करने के बाद एसएसपी मणिकांत मिश्रा ने सख्त लहजे में कहा कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने अपराधियों की धरपकड़ के लिए कई टीमों का गठन कर दिया है और मामले की तह तक जाने के लिए सबूतों को वैज्ञानिक तरीके से जुटाया जा रहा है। पुलिस प्रशासन इस बात की जांच कर रहा है कि फायरिंग में किन हथियारों का इस्तेमाल किया गया और क्या इसमें पेशेवर अपराधी शामिल थे। पुलिस ने मृतक का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी जारी है।
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