उत्तर प्रदेश के बरेली में अपनी विवादित बयानबाजी और रैलियों के जरिए अक्सर चर्चा में रहने वाले इत्तेहाद-ए-मिलत काउंसिल (IMC) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खान के परिवार से जुड़ी एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। मौलाना के बेटे फरमान रजा अब कानून के शिकंजे में हैं। यह गिरफ्तारी किसी राजनीतिक विरोध या प्रदर्शन के चलते नहीं, बल्कि बेहद गंभीर और समाज को खोखला करने वाले नशे के कारोबार से जुड़े होने के संदेह में हुई है। बरेली में होने वाले तमाम बवाल और कानूनी पचड़ों से खुद को दूर रखने का दावा करने वाले फरमान रजा अब शाहजहांपुर पुलिस की कस्टडी में हैं। इस घटना ने बरेली से लेकर लखनऊ तक की सियासत में हलचल पैदा कर दी है, क्योंकि एक रसूखदार धार्मिक और राजनीतिक परिवार के सदस्य का नाम सीधे तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी या उपभोग से जुड़ना कई सवाल खड़े करता है।
रोडवेज बस की टक्कर ने खोल दी पोल
यह पूरा मामला तब प्रकाश में आया जब फरमान रजा अपनी कार से शाहजहांपुर से बरेली की ओर लौट रहे थे। तिलहर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले हाईवे पर एक रोडवेज बस ने फरमान की गाड़ी को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। हादसा होने के बाद मौके पर हंगामा खड़ा हो गया और सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस वहां पहुंच गई। सामान्य तौर पर इसे महज एक सड़क दुर्घटना मानकर देखा जा रहा था, लेकिन जब पुलिस ने प्रक्रिया के तहत कार की तलाशी ली, तो हड़कंप मच गया। गाड़ी की डिग्गी की जांच के दौरान पुलिस को एक संदिग्ध पुड़िया बरामद हुई। जब इस पुड़िया को खोलकर देखा गया तो उसमें लगभग आधा ग्राम नशीला पदार्थ मौजूद था। प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, एक्सीडेंट के बाद फरमान के तेवर काफी तीखे थे, लेकिन ड्रग्स बरामद होते ही उनके होश फाख्ता हो गए।
मुकदमा दर्ज और पुलिस की कड़ी कार्रवाई
शाहजहांपुर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की और फरमान रजा को हिरासत में ले लिया। बरामद ड्रग्स की मात्रा भले ही कम दिख रही हो, लेकिन कानून की नजर में यह एक गंभीर अपराध है। पुलिस ने तत्काल प्रभाव से तिलहर थाने में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस प्रशासन अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रहा है कि यह नशीला पदार्थ कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई की कड़ियां कहां तक जुड़ी हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि क्या यह सिर्फ व्यक्तिगत सेवन के लिए था या इसके पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट काम कर रहा है। मौलाना तौकीर रजा के बेटे का नाम आने के बाद पुलिस पर भी निष्पक्ष जांच का भारी दबाव है, हालांकि अधिकारियों का कहना है कि कानून सबके लिए बराबर है।
विवादों के साए में घिरता तौकीर रजा का कुनबा
फरमान रजा की इस गिरफ्तारी ने मौलाना तौकीर रजा की मुश्किलों में इजाफा कर दिया है। एक तरफ मौलाना खुद विभिन्न कानूनी मामलों और अदालती पेशियों को लेकर चर्चा में रहते हैं, वहीं दूसरी तरफ उनके बेटे का ड्रग्स जैसे मामले में फंसना उनके सामाजिक और राजनीतिक कद पर भी प्रहार है। बरेली में रहने के दौरान फरमान अक्सर खुद को शांत और विवादों से दूर दिखाने की कोशिश करते रहे हैं, लेकिन शाहजहांपुर में हुई इस घटना ने उनके चेहरे से नकाब उतार दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इस कानूनी लड़ाई में मौलाना अपने बेटे का बचाव किस तरह करते हैं और क्या इस मामले की आंच बरेली की राजनीति तक भी पहुंचेगी। फिलहाल, फरमान सलाखों के पीछे हैं और उनके पास मौजूद सफेद पाउडर ने उनके भविष्य पर कालिख पोत दी है।
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