भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा के पूर्व सदस्य दुष्यंत कुमार गौतम ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने उत्तराखंड शासन के गृह सचिव को एक औपचारिक पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। अपने पत्र के माध्यम से भाजपा नेता ने स्पष्ट किया है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत उनकी छवि को जनता के बीच खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन से उन तमाम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और मीडिया पोर्टल्स के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया है जो इस भ्रामक सामग्री को प्रसारित कर रहे हैं।
दुष्यंत कुमार गौतम ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वह लंबे समय से सार्वजनिक जीवन में एक सक्रिय सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं और देशभर में उनकी एक स्वच्छ छवि रही है। उनके अनुसार हाल ही में कुछ आपराधिक तत्वों ने उनके खिलाफ एक गहरी आपराधिक साजिश रची है। इस साजिश के तहत एक पूरी तरह से फर्जी और बनावटी ऑडियो रिकॉर्डिंग तैयार की गई है जिसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। इस आपत्तिजनक और द्वेषपूर्ण सामग्री को विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर बड़ी तेजी से फैलाया जा रहा है ताकि उनके राजनीतिक कद और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया जा सके।
भाजपा महासचिव ने उत्तराखंड सरकार को सौंपी गई अपनी शिकायत के साथ उन सोशल मीडिया आईडी और हैंडल्स की एक विस्तृत सूची भी संलग्न की है जो इस कथित फर्जी ऑडियो को प्रचारित-प्रसारित करने में मुख्य रूप से शामिल हैं। इस सूची में राज्य के कई स्थानीय न्यूज पोर्टल्स के साथ-साथ कुछ व्यक्तिगत फेसबुक प्रोफाइल और एक्टिविस्ट्स के नाम भी शामिल किए गए हैं। पत्र में दावा किया गया है कि ये तमाम तत्व जानबूझकर दुर्भावनापूर्ण तरीके से गलत सूचना फैला रहे हैं जो न केवल उनके निजी सम्मान पर हमला है बल्कि कानून का भी उल्लंघन है।
प्रशासन को लिखे गए इस पत्र में दुष्यंत कुमार गौतम ने मांग की है कि गृह विभाग तत्काल संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को निर्देश जारी करे ताकि इस मानहानिकारक सामग्री को हटाया जा सके। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की गहन जांच करने और इस षड्यंत्र के पीछे मौजूद मुख्य किरदारों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। उनका कहना है कि डिजिटल माध्यमों का दुरुपयोग कर किसी की गरिमा को ठेस पहुंचाना एक गंभीर अपराध है और इसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
शिकायती पत्र में जिन न्यूज़ पोर्टल्स और निजी सोशल मीडिया हैंडल्स के नाम दिए गए हैं, उनमें
- अभिनेत्री उर्मिला सुरेश राठौर
- हेमा भंडारी
- उत्तराखंड हलचल
- मधुसूदन सुंद्रियाल
- राइजिंग स्टेट न्यूज
- तहलका डिजिटल
- पहाड़ी पथिक
- शिव प्रसाद सेमवाल
- पूरन पुंडीर
- मधुसूदन सुंद्रियाल (सूची में पुनः अंकित)
- रेखा कंडपाल सती (दीपा)
- उत्तराखंड उजाला न्यूज
- देवभूमि अपडेट
- देवभूमि इनसाइडर
- रीजनल रिपोर्टर
- लोकार्पण न्यूज
- सतेश्वरी देवी
- विनीता भट्ट
- नवक्रांति न्यूज, उत्तराखंड
- पहाड़ का पत्थर
- गढ़वाल तक
- पहाड़ टीवी
- दून होराइजन उत्तराखंड
- डेली उत्तराखंड न्यूज
- कोबरा न्यूज यूके
- वार्ता 360
- ईटीवी भारत उत्तराखंड
- ब्रेकिंग प्लस न्यूज
आदि शामिल हैं।
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