दिल्ली का जंतर-मंतर रविवार को एक बार फिर अखाड़े में तब्दील हो गया। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोग आज लगातार तीसरे दिन भी सड़कों पर उतरे। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस कदर था कि उन्होंने आंध्र भवन सर्किल से जंतर-मंतर की तरफ मार्च करने की कोशिश की। मौके पर मुस्तैद दिल्ली पुलिस ने जब उन्हें रोकने का प्रयास किया, तो दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की और झड़प होने लगी। माहौल गरमाता देख पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए कई प्रदर्शनकारियों को तुरंत हिरासत में ले लिया और गाड़ियों में भरकर वहां से ले गई।
सड़कों पर भारी पुलिस बल
इस बवाल के बाद जंतर-मंतर और उसके आसपास के रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। पूरे इलाके को दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स ने अपने घेरे में ले लिया है। जगह-जगह भारी बैरिकेडिंग कर दी गई है और रैपिड एक्शन फोर्स की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। आम लोगों और गाड़ियों की आवाजाही पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जिससे कनाट प्लेस और संसद मार्ग की तरफ जाने वाले रास्ते पर लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी को भी कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
थाने के बाहर प्रदर्शन
मामला सिर्फ जंतर-मंतर तक ही सीमित नहीं रहा। कल प्रदर्शन के दौरान एक महिला पत्रकार के साथ कथित तौर पर हुई बदसलूकी का मुद्दा भी आज दिनभर गरमाया रहा। इस घटना के विरोध में सौरव दास की अगुवाई में कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं ने संसद मार्ग थाने का घेराव कर दिया। नाराज कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर जमकर नारेबाजी की और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तुरंत सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
आंदोलन तेज करने की चेतावनी
नेताओं और प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि वोटर लिस्ट में हुई गड़बड़ियों और चुनाव आयोग के रवैये को लेकर उनका यह गुस्सा थमने वाला नहीं है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, यह लड़ाई जारी रहेगी। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए ऐलान किया है कि आगामी 10 अक्टूबर को दिल्ली की सड़कों पर इससे भी बड़ा मार्च निकाला जाएगा।
महाराष्ट्र में भी फूटा गुस्सा
दिल्ली की इस चिंगारी का असर अब महाराष्ट्र में भी दिखने लगा है। मुंबई की सड़कों पर आज चुनाव आयोग के खिलाफ एक विशाल 'गर्जना मार्च' निकाला गया, जिसमें हजारों की तादाद में लोग शामिल हुए। इस आंदोलन की सबसे बड़ी बात यह रही कि लंबे समय बाद शिवसेना यूबीटी के प्रमुख उद्धव ठाकरे और मनसे प्रमुख राज ठाकरे एक साथ मंच पर दिखाई दिए। महाविकास अघाड़ी के नेताओं के साथ मिलकर विपक्ष ने मुंबई के मेट्रो सिनेमा से बीएमसी मुख्यालय तक पैदल मार्च निकाला। विपक्ष के नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त को आड़े हाथों लेते हुए मांग की कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएं और वोटर लिस्ट की कथित गड़बड़ियों को तुरंत सुधारा जाए।

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