नई दिल्ली, 21अक्टूबर। राष्ट्रीय राजधानी के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार कॉकरोच जनता पार्टी के दो प्रमुख नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को सात दिन बाद जेल से रिहाई मिल गई है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट कोर्ट के आदेश के बाद बुधवार देर शाम दोनों नेता तिहाड़ जेल से बाहर आ गए। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद माना कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कानूनी बॉन्ड और लिखित भरोसा काफी है, इसलिए दोनों को आगे हिरासत में रखने का कोई औचित्य नहीं बनता।
पुलिस ने की कोर्ट से अपील
मामले की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने दोनों नेताओं की न्यायिक हिरासत तीन दिन और बढ़ाने की अपील की थी। अदालत ने पुलिस की इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए व्यक्तिगत मुचलका और लिखित आश्वासन लेना सही कदम है। अदालत ने पचास-पचास हजार रुपये के पर्सनल और श्योरिटी बॉन्ड भरने के निर्देश दिए। इसके साथ ही मजिस्ट्रेट ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की अगली तारीखों पर दोनों नेताओं को समय पर कोर्ट में हाजिर होना पड़ेगा।
कोर्ट ने रखी रिहाई की शर्त
रिहाई से पहले दोनों नेताओं ने अदालत के समक्ष एक लिखित पत्र देकर अपनी बात रखी। उन्होंने साफ कहा कि वे शहर में कानून व्यवस्था, सामाजिक सद्भाव और शांति बनाए रखने में पूरा सहयोग करेंगे। उन्होंने अदालत को भरोसा दिया कि जब तक कानूनी नियमों के तहत जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल का दर्जा वापस नहीं मिल जाता, तब तक वे वहां किसी तरह के धरने या प्रदर्शन के लिए भीड़ नहीं जुटाएंगे। दोनों ने यह भी कहा कि उनका हर कदम पूरी तरह संविधान और देश की अदालतों के सम्मान के दायरे में रहेगा।
23 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
सौरव दास और आशुतोष रांका को बीते तेरह अक्टूबर को उस समय पकड़ा गया था, जब वे जंतर-मंतर क्षेत्र में पहुंचे थे। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया था। अब इस पूरे मामले की अगली कानूनी सुनवाई तेईस अक्टूबर को दोपहर तीन बजे तय की गई है। रिहाई के बाद सौरव दास और आशुतोष रांका का एक वीडियो अभिजीत दीपके ने पोस्ट किया है। इस वीडियो में दोनों के हाथ में तिरंगा है और दोनों ने भारत माता की जय और इंकलाब जिंदाबाद के नारे लगाए। इसके बाद दोनों ने एक साथ कहा, 'ज्ञानू मस्ट गो'। इससे दोनों संदेश देने की कोशिश कर रहे हैं कि उनकी लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
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