नई दिल्ली (Uttarakhand Tehelka): राजधानी में हुए भयावह कार ब्लास्ट की जाँच में सबसे बड़ी कामयाबी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को मिली है। इस आतंकी साज़िश का मुख्य षड्यंत्रकर्ता और विस्फोट के बाद से फरार चल रहा Dr. Nisar Alam आखिरकार NIA के हत्थे चढ़ गया है। पश्चिम बंगाल से उसकी गिरफ्तारी इस 'व्हाइट-कॉलर' आतंकी मॉड्यूल के ध्वस्त होने की अंतिम कड़ी मानी जा रही है। इस मामले में अब तक अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े 4 डॉक्टर समेत 7 प्रमुख षड्यंत्र कर्ताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मुख्य ब्रेकिंग: फरार Dr. Nisar Alam हुआ गिरफ्तार
अल-फलाह विश्वविद्यालय से जुड़ा और एमबीबीएस छात्र Dr. Nisar Alam विस्फोट की घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा दे रहा था। NIA ने पश्चिम बंगाल पुलिस के साथ संयुक्त अभियान में Dr. Nisar Alam को उत्तर दिनाजपुर जिले के दालखोला से गिरफ्तार किया।
- Dr. Nisar Alam पर अपने साथियों के साथ मिलकर विस्फोटक जुटाने, मॉड्यूल को सक्रिय रूप से समर्थन देने और साज़िश में सीधे भाग लेने का आरोप है।
- वह मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी के करीबी नेटवर्क का हिस्सा था। Dr. Nisar Alam की गिरफ्तारी से इस नेटवर्क के अन्य गुप्त ठिकानों और वित्तीय लेन-देन का खुलासा होने की उम्मीद है।
मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी और षड्यंत्रकर्ता
सुरक्षा एजेंसियों ने इस पूरी आतंकी साज़िश का मास्टरमाइंड डॉ. मोहम्मद उमर उर्फ उमर नबी को घोषित किया है, जो विस्फोट के दौरान मारा गया था। वह अल-फलाह विश्वविद्यालय में जनरल मेडिसिन विभाग में सहायक प्रोफेसर था। खुफिया इनपुट से पता चला है कि उमर नबी ही मुख्य साजिशकर्ता था, जिसने Dr. Nisar Alam और अन्य डॉक्टरों को कट्टरपंथी बनाया।
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गिरफ्तार 7 प्रमुख षड्यंत्रकर्ता:
- Dr. Nisar Alam: (MBBS छात्र, लुधियाना/बंगाल) विस्फोटकों की खरीद-फरोख्त और मॉड्यूल को सक्रिय समर्थन देने वाला।
- डॉ. मुजम्मिल शकील: (डॉक्टर, पुलवामा) विस्फोटक सामग्री (358 किलो NPK) का भंडारण करने और IED तैयार करने में मास्टरमाइंड की मदद करने वाला।
- डॉ. शाहीन शाहिद: (डॉक्टर, लखनऊ) मॉड्यूल की 'महिला विंग' की सदस्य, भर्ती और कट्टरता फैलाने का काम करने वाली।
- आमिर राशिद अली: (पुलवामा) धमाके में इस्तेमाल i20 कार का मालिक/रजिस्ट्रेशन कराने वाला मुख्य सहयोगी।
- डॉ. आदिल अहमद राथर: (डॉक्टर, अनंतनाग) जैश का मुख्य हैंडलर।
- मौलवी इरफान अहमद: (मौलवी, शोपियां) धार्मिक उपदेशों के माध्यम से युवाओं को भर्ती करने वाला।
- डॉ. सज्जाद अहमद मल्ला: (डॉक्टर, पुलवामा) मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी का करीबी सहयोगी और सहायक डॉक्टर।
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तब्लीगी जमात से जुड़े अहम लिंक्स
जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल के कुछ सदस्यों के तार तब्लीगी जमात के कुछ स्थानीय तत्वों से भी जुड़े हुए थे।
- जांच सूत्रों के अनुसार, मास्टरमाइंड डॉ. उमर नबी विस्फोट से कुछ देर पहले पुरानी दिल्ली स्थित फैज इलाही मस्जिद गया था, जिसे जमात से जुड़े एक धड़े का ठिकाना माना जाता है।
- खुफिया एजेंसियों का मानना है कि जमात के कुछ स्थानीय सदस्यों ने आतंकियों को वाहन, रुकने का बंदोबस्त जैसी लॉजिस्टिक्स (Logistic) मदद मुहैया कराई। यह लिंक जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
अन्य हिरासत और जांच का दायरा
इसके अलावा, पुलिस ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े दो अन्य डॉक्टरों सहित तीन लोगों को भी हिरासत में लिया है। Dr. Nisar Alam की गिरफ्तारी के बाद, NIA इस नेटवर्क के वित्तीय लेन-देन, सोशल मीडिया संपर्कों और अन्य गुप्त साज़िशों की गहनता से जांच कर रही है, जिनकी जानकारी सिर्फ Dr. Nisar Alam और मास्टरमाइंड को थी।
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