पिलखुवा/हापुड़ (Uttarakhand Tehelka)। दिल्ली में हुए भीषण कार बम विस्फोट मामले की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। स्पेशल सेल ने उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के पिलखुवा स्थित GS मेडिकल कॉलेज में कार्यरत डॉ. फारूख को गिरफ्तार किया है। डॉ. फारूख पर दिल्ली ब्लास्ट की साजिश में विस्फोटकों की आपूर्ति और आतंकी नेटवर्किंग से जुड़े होने का गंभीर आरोप है।

​डॉ. फारूख को बुधवार देर रात GS कॉलेज परिसर में छापेमारी के बाद हिरासत में लिया गया। वह GS कॉलेज के हॉस्टल में ही रहते थे। उनकी गिरफ्तारी से मेडिकल और शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

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​एक प्रतिष्ठित डॉक्टर पर आतंकी साजिश का संदेह

डॉ. फारूख GS मेडिकल कॉलेज में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात थे। उनकी उम्र लगभग 34 वर्ष बताई जा रही है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले के मीरिपुरा के निवासी हैं। उन्होंने हरियाणा के फरीदाबाद स्थित अल फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस (MBBS) और एमडी की डिग्री प्राप्त की थी। वह पिछले करीब डेढ़ साल से GS मेडिकल कॉलेज से जुड़े हुए थे।


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​आतंकी मुजम्मिल से पूछताछ में खुला नाम

​दिल्ली पुलिस सूत्रों के मुताबिक, डॉ. फारूख का नाम इस आतंकी मॉड्यूल के एक अन्य प्रमुख सदस्य, आतंकी मुजम्मिल शकील से हुई गहन पूछताछ के दौरान सामने आया। मुजम्मिल शकील को फरीदाबाद से भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया था। मुजम्मिल शकील ने पूछताछ में खुलासा किया कि दिल्ली विस्फोट की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में डॉ. फारूख की अहम भूमिका थी। मुजम्मिल और फारूख दोनों फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी में क्लासमेट रह चुके हैं। जांच एजेंसियों को संदेह है कि डॉ. फारूख ने न केवल साजिश में सहायता की, बल्कि लॉजिस्टिक सपोर्ट भी मुहैया कराया था।

​जासूसी उपकरणों की बरामदगी

​गिरफ्तारी के बाद, दिल्ली पुलिस ने डॉ. फारूख के GS  कैंपस आवास की तलाशी ली और महत्वपूर्ण डिजिटल उपकरण, जैसे कि उनका लैपटॉप और पेन ड्राइव जब्त किए हैं। इन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है ताकि उनके और अन्य संदिग्धों के बीच हुई डिजिटल बातचीत और कनेक्शन का पता लगाया जा सके। पुलिस को संदेह है कि उनके तार आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े हो सकते हैं।

​यूपी में डॉक्टरों पर शिकंजा

डॉ. फारूख की गिरफ्तारी दिल्ली ब्लास्ट मामले में उत्तर प्रदेश और हरियाणा से गिरफ्तार किए गए डॉक्टरों की श्रृंखला की एक और कड़ी है। इससे पहले, जांच एजेंसियों ने कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग के एक छात्र डॉ. मोहम्मद आरिफ को भी हिरासत में लिया था। डॉ. आरिफ का नाम भी गिरफ्तार आरोपी डॉ. शाहीन सईद और डॉ. परवेज़ से जुड़ा था, जो कथित तौर पर आतंकी नेटवर्क के केंद्रीय सदस्य हैं।

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​इस पूरे मामले से यह खुलासा हुआ है कि एक 'व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल' सक्रिय था, जिसमें कश्मीर, हरियाणा और यूपी के उच्च-शिक्षित लोग शामिल थे। पुलिस अब डॉ. फारूख को दिल्ली ले गई है, जहां उनसे अन्य गिरफ्तार संदिग्धों के साथ आमना-सामना कराकर इस पूरे आतंकी नेटवर्क के पीछे की साज़िश की गहराई का पता लगाया जाएगा।

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