अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। भगत सिंह चौक से शुरू हुआ यह प्रदर्शन मुख्य बाजार होते हुए महाराजा रणजीत सिंह पार्क तक पहुंचा। इस दौरान कांग्रेसियों ने भाजपा की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर अपना आक्रोश व्यक्त किया।
"तेरे कातिल जिंदा हैं" के नारों से गूंजा शहर
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता बेहद आक्रामक नजर आए। हाथों में तख्तियां लिए कांग्रेसी "अंकिता हम शर्मिंदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं" जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे। कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज्य की बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए वे चुप नहीं बैठेंगे।

सरकार की नीयत पर उठाए सवाल
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस नेता संजय जुनेजा ने कहा कि अंकिता को न्याय दिलाना अब केवल एक परिवार की लड़ाई नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश की बेटियों के सम्मान का प्रश्न है। उन्होंने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शुरुआती स्तर पर साक्ष्यों को जानबूझकर नष्ट किया गया। बिना किसी ठोस कानूनी प्रक्रिया के रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाकर सबूत मिटाए गए। एसआईटी की जांच को एक सीमित दायरे तक ही सीमित रखा गया है।
उर्मिला के खुलासे से गरमाया मामला
संजय जुनेजा ने आगे कहा कि हाल ही में उर्मिला के सोशल मीडिया वीडियो और बयानों ने इस केस में नया मोड़ ला दिया है। एक कद्दावर भाजपा नेता पर लगे संगीन आरोपों के बाद अब संदेह की कोई गुंजाइश नहीं बची है। उन्होंने सवाल किया, "यदि सरकार और जांच एजेंसियों के पास छिपाने को कुछ नहीं है, तो वे सीबीआई (CBI) जांच से क्यों कतरा रहे हैं?"
मुख्य मांगें
वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि केवल कुछ मोहरों को सजा दिलाना काफी नहीं है। इस जघन्य अपराध के पीछे जो भी प्रभावशाली चेहरे और 'वीआईपी' शामिल हैं, उनका नाम सार्वजनिक होना चाहिए।
प्रदर्शन में शामिल मुख्य सदस्य:
पवन वर्मा, दिनेश पंत, सौरभ शर्मा, सौरभ बेहड़, सुनील जडवानी, मोहन खेड़ा, मोहन कुमार, प्रांजल गाबा, आशीत बाला, विक्रमजीत सिंह, राम कृष्ण कनौजिया, विकास मल्लिक, रंजीत तिवारी, तपन विश्वास, देवानंद स्वर्णकार, रमैन विश्वास, महबूब अंसारी, नदीम खान, इंद्रजीत सिंह, प्रशांत शाही समेत दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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