उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की और हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए।
यूपीडा के अधिकारियों को कड़ी फटकार
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर यूपीडा के अधिकारियों के खिलाफ सख्त नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक्सप्रेसवे पर पेट्रोलिंग और सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने लापरवाह अफसरों को चेतावनी देते हुए उनके पेंच कसे और निर्देश दिया कि तकनीक का बेहतर इस्तेमाल कर हादसों पर लगाम लगाई जाए।
विभिन्न विभागों का साझा मंथन
इस महत्वपूर्ण बैठक में यूपीडा के साथ-साथ परिवहन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपस में तालमेल बनाकर काम करने को कहा ताकि दुर्घटनाओं के बाद घायलों को समय पर इलाज मिल सके और यातायात नियमों का कड़ाई से पालन हो। बैठक में ओवरस्पीडिंग और गलत दिशा में वाहन चलाने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की बात भी कही गई।
जनता की सुरक्षा सर्वोपरि
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हिदायत दी कि प्रदेश की सड़कों को सुरक्षित बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने और अवैध पार्किंग को हटाने का काम प्राथमिकता पर होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने साफ संदेश दिया कि अगर भविष्य में लापरवाही के कारण सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता है, तो संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
---समाप्त---