तहसील दिवस के अवसर पर भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिला प्रवक्ता नृपजीत सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को एक ज्ञापन सौंपकर प्रशासन की नाक के नीचे चल रहे बड़े भ्रष्टाचार का खुलासा किया है। यूनियन ने आरोप लगाया है कि धान खरीद केंद्रों पर किसानों के बजाय दलालों का बोलबाला है।
धान खरीद में बड़ा खेल: बिना किसान के ही हो रही तौल
जिला प्रवक्ता नृपजीत सिंह ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान में स्थानीय किसानों का धान क्रय केंद्रों पर नहीं आ रहा है, इसके बावजूद केंद्रों पर धड़ल्ले से तौल जारी है। आरोप है कि क्रय केंद्र प्रभारी दलालों के साथ मिलकर दूसरे प्रदेशों से आए और घटिया गुणवत्ता वाले धान को सरकारी रेट पर खरीद रहे हैं। इस दौरान भाकियू नेता ने मौके पर ही धान का एक सैंपल उपजिलाधिकारी को दिखाया, जिसे केंद्रों पर अवैध रूप से तोला जा रहा था।
राशन वितरण में भी अधिकारियों के नाम पर 'वसूली'
धान के अलावा यूनियन ने राशन वितरण प्रणाली (PDS) पर भी सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि कोटा डीलर गरीबों के राशन में कटौती कर रहे हैं। जब ग्रामीण विरोध करते हैं, तो डीलर खुलेआम बड़े अधिकारियों का नाम लेकर कहते हैं कि उन्हें ऊपर तक हिस्सा देना पड़ता है।
प्रशासन की कार्रवाई: एसडीएम ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता और भाकियू द्वारा पेश किए गए सबूतों (सैंपल) को देखते हुए उपजिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने आश्वस्त किया कि इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और क्रय केंद्रों से लेकर राशन की दुकानों तक यदि कोई भी दोषी पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी।
इस दौरान नृपजीत सिंह के साथ संगठन के कई अन्य प्रमुख कार्यकर्ता और किसान मौजूद रहे।
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