उत्तर प्रदेश के बिलासपुर क्षेत्र के कबड्डी खिलाड़ियों ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। बहरीन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय कबड्डी विश्वकप में शानदार प्रदर्शन करने के बाद मंगलवार दोपहर खिलाड़ियों का अपने गृहनगर लौटने पर भव्य स्वागत किया गया। नेशनल हाईवे स्थित नगर के मुख्य चौराहे पर जैसे ही खिलाड़ी पहुंचे, वहां मौजूद भीड़ ने उत्साह के साथ उनका अभिनंदन किया। इस खास मौके पर कारगिल शहीद गांव नवाबगंज स्थित गुरुद्वारे के बाबा गुरमीत सिंह सहित क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे, जिन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धि की सराहना की।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व
टीम के कोच दलजीत सिंह मंगा ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि बहरीन में 16 से 18 दिसंबर के बीच छह देशों के बीच अंतरराष्ट्रीय कबड्डी विश्वकप प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था। इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत का प्रतिनिधित्व करने का गौरव स्थानीय तराई क्षेत्र के खिलाड़ियों को प्राप्त हुआ। भारतीय टीम ने पाकिस्तान, बहरीन, कतर, दुबई और सऊदी अरब जैसी मजबूत टीमों के साथ कड़ा मुकाबला किया। अंतरराष्ट्रीय मैदान पर स्थानीय खिलाड़ियों के तकनीकी कौशल और शारीरिक क्षमता की काफी प्रशंसा की गई, जिससे क्षेत्र का नाम विश्व पटल पर अंकित हुआ है।
खेल अकादमी और क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि
नवाबगंज स्थित गुरुद्वारे के संत बाबा अनूप सिंह के निर्देशन में संचालित मीरी-पीरी स्पोर्ट्स क्लब के वरिष्ठ सदस्य मलकीत सिंह बाजवा ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह पहला अवसर है जब इस क्षेत्र के खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। यह सफलता न केवल मीरी-पीरी स्पोर्ट्स क्लब और अकादमी के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है। खिलाड़ियों के इस सफर ने यह साबित कर दिया है कि सही प्रशिक्षण और समर्पण से ग्रामीण अंचल के खिलाड़ी भी दुनिया भर में पहचान बना सकते हैं।
खिलाड़ियों का उत्साहजनक स्वागत और भविष्य की राह
बहरीन गई इस टीम में कुल तेरह खिलाड़ी शामिल थे, जिनका नेतृत्व कैप्टन अभिजीत सिंह अवी कर रहे थे। टीम के अन्य सदस्यों में गुरविंदर सिंह, मनप्रीत सिंह मन्ना, अमृतपाल सिंह, साजन सिंह, सियाना सिंह, ब्रह्म सिंह, काका सिंह, महक सिंह और सूरज सिंह जैसे नाम शामिल हैं। कैप्टन अभिजीत ने बताया कि टीम के कुछ सदस्य वापस आ चुके हैं और बाकी खिलाड़ी भी जल्द ही लौट आएंगे। स्वागत समारोह के दौरान 'जो बोले सो निहाल' के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। बाबा गुरमीत सिंह ने खिलाड़ियों को सरोपे भेंट किए और सर्वजीत सिंह सोहल व जसजीत सिंह जैसे गणमान्य व्यक्तियों ने उन्हें फूलमालाएं पहनाकर प्रोत्साहित किया।
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