बिलासपुर अंतर्गत दिबदिबा गांव की ग्रीन पार्क कॉलोनी में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक प्रतिष्ठित व्यापारी के घर से अचानक आग की लपटें उठने लगीं। यह हादसा दोपहर के समय घटित हुआ जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। इस अग्नि-काण्ड में घर के भीतर रखा लाखों रुपये का कीमती सामान जलकर पूरी तरह खाक हो गया है। स्थानीय निवासियों की तत्परता और सामूहिक प्रयासों के चलते एक बड़ा हादसा होने से टल गया और आग पर काबू पा लिया गया।
सूने घर में भड़की लपटें और मचा हड़कंप
ग्रीन पार्क कॉलोनी के निवासी हर्षित ग्रोवर प्रतिदिन की तरह अपने व्यावसायिक कार्यों में व्यस्त थे। उनका रुद्रपुर में एक बड़ा हार्डवेयर शोरूम है जिसके चलते वह सुबह ही अपने प्रतिष्ठान के लिए निकल गए थे। घर पर मौजूद उनकी पत्नी भी किसी आवश्यक घरेलू कार्य और खरीदारी के लिए बाजार गई हुई थीं। दोपहर के सन्नाटे के बीच अचानक बंद मकान के भीतर से धुआं निकलने लगा। जब तक पड़ोसियों की नजर उस पर पड़ती, तब तक आग ने घर के कमरों को अपनी चपेट में ले लिया था। खिड़कियों से निकलती आग की लपटें देख कॉलोनी में शोर मच गया और तुरंत गृहस्वामी हर्षित ग्रोवर को फोन पर इस अनहोनी की जानकारी दी गई।
ग्रामीणों की मदद से पाया गया आग पर काबू
सूचना मिलते ही हर्षित ग्रोवर घबराए हुए अपने घर की ओर दौड़े। मौके पर पहुँचते ही उन्होंने देखा कि उनका नया आशियाना धुएं के गुबार से घिरा हुआ है। कॉलोनी के लोग पहले से ही बाल्टियों और उपलब्ध संसाधनों के साथ आग बुझाने की कोशिशों में जुटे हुए थे। हर्षित और स्थानीय युवाओं ने मिलकर मोर्चा संभाला और काफी जद्दोजहद के बाद आग की लपटों को शांत करने में सफलता प्राप्त की। हालांकि जब तक आग बुझाई जा सकी, तब तक घर के भीतर तबाही का मंजर साफ दिखाई देने लगा था और सब कुछ मलबे में तब्दील हो चुका था।
अरमानों के महल में तबाही का मंजर
इस घटना ने हर्षित ग्रोवर के परिवार को गहरा आर्थिक और मानसिक आघात पहुँचाया है। पीड़ित गृहस्वामी हर्षित ग्रोवर ने अत्यंत दुखी मन से बताया कि उन्होंने इसी वर्ष अप्रैल माह में बड़े अरमानों के साथ इस नए मकान का निर्माण पूरा कराया था। विधि-विधान से हवन और पूजन के बाद उन्होंने गृह प्रवेश किया था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। हर्षित के अनुसार आग की इस भेंट में घर के भीतर रखा कीमती फर्नीचर, कपड़े, आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सभी महत्वपूर्ण सामग्रियां जलकर स्वाहा हो गई हैं। उन्होंने बताया कि इस हादसे में उन्हें लगभग 35 से 40 लाख रुपये का भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। आग लगने का प्रारंभिक कारण बिजली का शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
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