उत्तर प्रदेश के जनपद बिजनौर स्थित नूरपुर क्षेत्र में एक सिख युवक के साथ हुई हिंसक घटना ने प्रशासनिक और सामाजिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। नूरपुर थाना क्षेत्र के सेंट मैरी स्कूल के समीप हुई इस घटना में एक सिख युवक पर दूसरे समुदाय के युवकों द्वारा जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने तत्काल संज्ञान लिया है। उन्होंने स्थानीय पुलिस अधीक्षक से फोन पर वार्ता कर दोषियों के विरुद्ध कठोरतम और निष्पक्ष कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। राज्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि प्रदेश की वर्तमान सरकार में कानून-व्यवस्था के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
विवाद का कारण और घटना का घटनाक्रम
प्राप्त जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद औरंगजेब से संबंधित एक टिप्पणी को लेकर शुरू हुआ था। बताया जा रहा है कि सिख युवक द्वारा औरंगजेब के विरुद्ध की गई टिप्पणी से नाराज होकर दूसरे समुदाय के दबंग युवकों ने उसे अपना निशाना बनाया। हमला इतना बर्बर था कि आरोपियों ने युवक की पिटाई के दौरान उसकी आंख तक फोड़ दी। गंभीर रूप से लहूलुहान अवस्था में युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है और चिकित्सक लगातार उसके स्वास्थ्य पर नजर रखे हुए हैं। इस हिंसक कृत्य के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है और सिख समुदाय के लोगों में भारी रोष व्याप्त है। समुदाय के लोगों ने इस घटना के विरोध में कैंडल मार्च निकालने का भी निर्णय लिया है।
कानून का राज और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने अपने आधिकारिक बयान में कहा है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार में गुंडागर्दी और अराजकता फैलाने वालों के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि शांति और सुरक्षा का माहौल बना रहे। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कदम उठाए हैं और अब तक इस प्रकरण से जुड़े चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि घटना में शामिल एक अन्य फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है और उसे जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा। राज्यमंत्री ने आश्वासन दिया है कि कानून अपना काम कर रहा है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर पुलिस की नजर
बिजनौर पुलिस ने इस मामले में संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है और क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि कोई असामाजिक तत्व इस घटना का लाभ उठाकर सांप्रदायिक सौहार्द को नुकसान न पहुंचा सके। अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से शांति बनाए रखने और कानून पर भरोसा रखने की अपील की है। सरकार और प्रशासन का लक्ष्य है कि पीड़ित को न्याय मिले और समाज में यह कड़ा संदेश जाए कि हिंसा का सहारा लेने वालों के विरुद्ध शासन की नीति शून्य सहनशीलता की है।
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