बिलासपुर स्थित ऐतिहासिक भाखड़ा वियर में संरचनात्मक खराबी के कारण मंगलवार दोपहर स्थिति बेहद गंभीर हो गई। वियर गेट के पास आई दरार और डैम के बढ़ते जलस्तर के दबाव में नहर पर बनी पुलिया अचानक धंस गई। पुलिया के ऊपरी हिस्से में करीब सात से आठ फीट गहरा होल हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। बंदा धंसने की शुरुआत करीब एक पखवाड़ा पूर्व ही हो चुकी थी, लेकिन अब वियर गेट के पास दरार आने और पुलिया धंसने से खतरा बढ़ गया है। घटना की जानकारी मिलते ही पालिकाध्यक्ष चित्रक मित्तल और सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सुरक्षा के लिहाज से रास्ता बंद कराया।

ऑटोमेटिक गेट बने डैम के लिए आफत

​वर्ष 1922 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान निर्मित यह भाखड़ा वियर पिछले 100 वर्षों से अधिक समय से 88 गांवों के किसानों की फसलों को सींच रहा है। ब्रिटिश इंजीनियरों ने इस प्रणाली को इस तरह डिजाइन किया था कि उत्तराखंड के हरिपुरा जलाशय से जरूरत के अनुसार पानी छोड़ा जाए। जलस्तर को नियंत्रित रखने के लिए डैम में लकड़ी के पटले इस्तेमाल किए जाते थे, ताकि पानी का दबाव एक सीमा से अधिक न बढ़े। हाल ही में 30 करोड़ रुपये की कायाकल्प परियोजना के तहत इन पटलों को हटाकर ऊंचे ऑटोमेटिक गेट लगा दिए गए।

​ज्यादा पानी रोकने के उद्देश्य से ऑटोमेटिक गेट तो लगा दिए गए, लेकिन एक सदी पुराने बांध के ढांचे को मजबूत नहीं किया गया। ऑटोमेटिक गेट बंद होने से जलभराव का असामान्य दबाव सीधे कमजोर बंदे और वियर गेट पर आ गया। 


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करीब 15 दिन पहले बंदे में दरार आने पर सिंचाई विभाग ने लकड़ी की बल्लियों और मिट्टी से भरे कट्टों की मदद से केवल औपचारिक लीपापोती की थी। पुख्ता तकनीकी मरम्मत के बिना पानी रोके रखने के कारण मंगलवार को आखिरकार वियर गेट के पास दरार आ गई और नहर की पुलिया धंस गई।

डीएम ने किया स्थलीय निरीक्षण 

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने पुलिस और प्रशासनिक अमले के साथ घटनास्थल का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने सिंचाई विभाग को स्थिति का तुरंत तकनीकी आकलन करने और प्रभावित क्षेत्र में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही पूरी तरह रोकने के सख्त निर्देश दिए। 

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों और युवाओं को इस खतरनाक स्थल से दूर रखने की हिदायत दी। प्रशासन की पहली प्राथमिकता फिलहाल नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके बाद चरणबद्ध तरीके से क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू की जाएगी।

ये अधिकारीगण रहे मौजूद

स्थल पर निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी डॉ. नितिन मदान, उप जिलाधिकारी आनंद कुमार कनौजिया, एक्सईएन नवीन कुमार, तहसीलदार प्रशासन अक्षय कुमार, तहसीलदार न्यायिक रजनीश सक्सेना, पुलिस क्षेत्राधिकारी हर्षिता सिंह, खंड विकास अधिकारी राजेश कुमार, सहायक अभियंता नंदलाल आर्या, अवर अभियंता वीर सिंह तथा अजलम हुसैन सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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