29 अक्टूबर, 2025 को बिहार में एक चुनावी रैली के दौरान, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि उन्होंने पिछले 20 सालों में पिछड़े वर्गों के लिए कुछ नहीं किया है। यह बयान बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों के संदर्भ में दिया गया, जहां गांधी महागठबंधन के लिए प्रचार कर रहे हैं। राहुल गांधी के भाषण के कुछ मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं: उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीतीश कुमार की छवि का उपयोग कर रही है, जबकि असली नियंत्रण भाजपा के हाथों में है। गांधी ने कहा कि भाजपा सामाजिक न्याय की परवाह नहीं करती, और इसी कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाति जनगणना का विरोध किया। राहुल गाँधी ने वादा किया कि अगर महागठबंधन सत्ता में आता है, तो बिहार में उद्योग स्थापित किए जाएंगे और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने पिछड़े वर्ग को न्याय दिलाने के लिए विशेष कानून लाने का वादा भी किया। गांधी ने आरोप लगाया कि मोदी केवल वोट के लिए नाटक करते हैं और चुनाव के बाद वे किसानों और मजदूरों के साथ नहीं, बल्कि सूट-बूट वाले लोगों के साथ दिखाई देते हैं। उन्होंने एक बार फिर जाति जनगणना कराने की मांग दोहराई और कहा कि भारत की 90% आबादी इस व्यवस्था का हिस्सा नहीं है। निष्कर्ष यह बयान बिहार की राजनीतिक स्थिति का हिस्सा है, जहां जातीय समीकरण और सामाजिक न्याय के मुद्दे महत्वपूर्ण रहे हैं। कांग्रेस लगातार जाति जनगणना की मांग कर रही है, और गांधी का यह बयान इसी रणनीति का हिस्सा है। हालांकि, नीतीश कुमार ने बिहार में जाति सर्वेक्षण कराया है, जिसे गांधी ने जनवरी 2025 में केवल एक दिखावा बताया था।

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