रुद्रपुर स्थित प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान भानु प्रताप पब्लिक स्कूल में विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य को ध्यान में रखते हुए एक विशेष करियर काउंसलिंग सत्र का भव्य आयोजन किया गया। सीबीएसई नई दिल्ली से संबद्ध इस सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने अपनी तीसरी करियर गाइडेंस वर्कशॉप के माध्यम से छात्रों को शिक्षा के विभिन्न आयामों से परिचित कराया। इस आयोजन का मुख्य केंद्र कक्षा 10 के बाद विद्यार्थियों के सामने आने वाली असमंजस की स्थिति को दूर करना और उन्हें एक सही दिशा प्रदान करना था। स्कूल परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों ने भारी संख्या में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।
विशेषज्ञ काउंसलर ने दी करियर विकल्पों की विस्तृत जानकारी
इस महत्वपूर्ण सत्र का सफल संचालन प्रसिद्ध करियर काउंसलर आरती राणा द्वारा किया गया। उन्हें छात्र मार्गदर्शन के क्षेत्र में दस वर्षों से अधिक का गहन अनुभव प्राप्त है। सत्र के दौरान उन्होंने छात्रों को विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ- साथ उभरते हुए व्यावसायिक और पेशेवर क्षेत्रों की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि आधुनिक युग में पारंपरिक करियर विकल्पों के अलावा भी कई ऐसे क्षेत्र हैं जहाँ छात्र अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं। आरती राणा ने प्रत्येक स्ट्रीम की आवश्यकताओं, भविष्य की संभावनाओं और वैश्विक स्तर पर उनकी मांग पर विस्तार से चर्चा की।
रुचि और योग्यता के आधार पर चुनाव करने पर दिया जोर
काउंसलिंग के दौरान आरती राणा ने विद्यार्थियों को एक बहुत ही महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि अक्सर छात्र सामाजिक दबाव या अपने मित्रों की देखा-देखी करियर का चुनाव कर लेते हैं, जो बाद में उनके तनाव का कारण बनता है। उन्होंने छात्रों को सलाह दी कि वे अपनी आंतरिक क्षमता, जुनून और व्यक्तिगत रुचि को पहचानें। उन्होंने अपनी ताकत को सही करियर पथ के साथ जोड़ने के व्यावहारिक तरीके साझा किए। उनके यथार्थवादी और व्यावहारिक दृष्टिकोण ने छात्रों के मन से भविष्य के प्रति डर को समाप्त कर आत्मविश्वास भरने का कार्य किया।
इंटरैक्टिव चर्चा और छात्रों की जिज्ञासा का समाधान
यह कार्यशाला पूरी तरह से इंटरैक्टिव रही, जिसमें छात्रों को खुलकर अपनी बात रखने का अवसर मिला। विद्यार्थियों ने प्रतियोगी परीक्षाओं, कौशल-आधारित कार्यक्रमों, विभिन्न विषय संयोजनों और भविष्य में रोजगार के अवसरों को लेकर अनेक प्रश्न पूछे। आरती राणा ने प्रत्येक प्रश्न का उत्तर अत्यंत धैर्य और वास्तविक जीवन के उदाहरणों के साथ दिया। इस सार्थक संवाद से छात्रों को न केवल अपने शैक्षणिक निर्णयों के दीर्घकालिक प्रभाव समझ आए, बल्कि उन्हें अपने लक्ष्यों के प्रति एक स्पष्ट विजन भी प्राप्त हुआ।
प्रबंधन की दूरदर्शिता और शिक्षक समन्वय की सराहना
कार्यक्रम की सफलता में स्कूल के टीजीटी विज्ञान पवन तिवारी की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। उन्होंने कार्यक्रम की मेजबानी करते हुए पूरे सत्र को व्यवस्थित और आकर्षक बनाए रखा। अपने संबोधन में उन्होंने स्कूल के प्रिंसिपल की दूरदर्शी सोच की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि प्रिंसिपल के निरंतर मार्गदर्शन और छात्र कल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के कारण ही यह तीसरी सफल वर्कशॉप आयोजित की जा सकी है। स्कूल प्रबंधन की इस पहल को शिक्षकों और अभिभावकों ने भी सराहा, क्योंकि यह प्रयास केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहकर बच्चों के जीवन निर्माण से जुड़ा था।
प्रिंसिपल का संदेश और सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता
सत्र के अंत में स्कूल के प्रिंसिपल महेश चन्द्रा ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए उन्हें जीवन कौशल और मूल्यों का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल अंक प्राप्त करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह चरित्र निर्माण और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का माध्यम है। उन्होंने छात्रों को अनुशासित रहने, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने और सीखने के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखने के लिए प्रेरित किया। स्कूल मैनेजमेंट ने इस आयोजन की सफलता पर आरती राणा और समस्त स्टाफ का आभार व्यक्त किया। इस सत्र ने विद्यार्थियों में निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत किया और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया।
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