उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ पुलिस ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। शहर के राजेंद्र नगर स्थित एक कैफे में हुए विवाद और मारपीट के मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर को प्रशासन ने जिले की सीमा से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह कार्रवाई उस समय चर्चा का विषय बन गई है जब समाज के विभिन्न वर्गों में संगठन विशेष से जुड़े लोगों के व्यवहार को लेकर बहस छिड़ी हुई थी। पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराध और अपराधियों के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति जारी रहेगी।

विवाद की जड़ और कैफे में हुआ हंगामा

मामले की शुरुआत दिसंबर 2025 में हुई थी, जब एक नर्सिंग छात्रा की जन्मदिन पार्टी के दौरान राजेंद्र नगर के डेन कैफे में अराजकता का माहौल पैदा हो गया था। वहां मौजूद युवक-युवतियों पर लव जिहाद का आरोप लगाते हुए कुछ लोगों ने हमला बोल दिया था। इस दौरान न केवल मारपीट की गई बल्कि कैफे की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया गया। घटना के समय हमलावरों ने कानून को अपने हाथ में लेते हुए वहां मौजूद विशेष समुदाय के युवकों को निशाना बनाया था। इस पूरी घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे थे।

पुलिस की सख्ती और अपराधी का बेखौफ अंदाज

घटना के मुख्य सूत्रधार के रूप में ऋषभ ठाकुर का नाम सामने आया, जो पूर्व में खुद को बजरंग दल का पदाधिकारी बताता रहा है। हालांकि संगठन ने बाद में उससे पल्ला झाड़ लिया था। ऋषभ ठाकुर का इतिहास काफी विवादित रहा है और उस पर हत्या के प्रयास जैसे कई गंभीर मुकदमे पहले से दर्ज हैं। हैरानी की बात यह है कि वह पहले भी जिला बदर घोषित किया जा चुका था, लेकिन इसके बावजूद वह क्षेत्र में अपनी गतिविधियां संचालित कर रहा था। जेल से बाहर आने के बाद भी उसके तेवर कम नहीं हुए, जिसे देखते हुए पुलिस प्रशासन ने जनहित में उसे दोबारा 6 महीने के लिए निष्कासित करने का निर्णय लिया है।

योगी सरकार और निष्पक्ष पुलिसिया कार्रवाई

इस कार्रवाई ने उन दावों को भी बल दिया है जिनमें कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में कानून सबके लिए समान है। अक्सर आरोप लगते रहे हैं कि सत्ताधारी विचारधारा से जुड़े संगठनों के लोगों पर कार्रवाई करने में पुलिस संकोच करती है, लेकिन बरेली पुलिस ने ऋषभ ठाकुर को जिला बदर कर इन धारणाओं को चुनौती दी है। पुलिस विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कदम से समाज में शांति बनी रहेगी और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वाले तत्वों में भय पैदा होगा। अब यदि वह निर्धारित समय सीमा के भीतर बरेली की सीमा में प्रवेश करता है, तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर नई धाराओं में जेल भेजा जाएगा।


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