मुरादाबाद जनपद के भगतपुर थाना क्षेत्र की एक युवती और रामपुर की रहने वाली युवती के बीच प्रेम की यह कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। इस प्रेम कहानी की शुरुआत तब हुई जब भगतपुर की युवती रामपुर में अपनी बुआ के घर रहने के लिए गई थी। वहां बुआ के घर के ठीक सामने रहने वाली युवती से उसका परिचय हुआ और देखते ही देखते यह मुलाकात गहरी दोस्ती में बदल गई। हैरानी की बात यह है कि मात्र पांच दिनों की इस संक्षिप्त मुलाकात में दोनों के बीच इतना गहरा लगाव हो गया कि उन्होंने जीवन भर एक-दूसरे का साथ निभाने का फैसला कर लिया। अपने इस संकल्प को पूरा करने के लिए दोनों ने मंदिर में शरण ली और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ एक-दूसरे की मांग भरकर विवाह के बंधन में बंध गईं।
परिजनों का विरोध और थाने में दी गई तहरीर
जैसे ही दोनों युवतियां अपने घरों से गायब हुईं, उनके परिजनों में हड़कंप मच गया। दोनों परिवारों ने संबंधित थानों में पहुंचकर अपनी बेटियों के लापता होने की तहरीर दी और पुलिस से उन्हें खोजने की गुहार लगाई। इसी बीच, शादी रचाने के बाद दोनों युवतियां मुरादाबाद के बिलारी थाने में पेश हुईं और पुलिस के सामने अपने विवाह की बात स्वीकार की। युवतियों ने पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट बताया कि उन्होंने अपनी मर्जी से विवाह किया है और अब वे अलग नहीं होना चाहतीं। हालांकि, उन्होंने अपने ही परिजनों से अपनी जान को खतरा होने की आशंका जताई और पुलिस प्रशासन से सुरक्षा की मांग की। युवतियों का कहना था कि उनके घरवाले इस रिश्ते के सख्त खिलाफ हैं और वे किसी भी हद तक जा सकते हैं।
मजिस्ट्रेट के सामने बयान और कानूनी प्रक्रिया
इस पूरे मामले पर मुरादाबाद के एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने आधिकारिक जानकारी साझा करते हुए बताया कि पुलिस ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए दोनों युवतियों को तत्काल वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। कानून की प्रक्रियाओं का पालन करते हुए पुलिस ने मजिस्ट्रेट के समक्ष दोनों युवतियों के बयान दर्ज कराए हैं। एसपी देहात ने स्पष्ट किया कि चूंकि दोनों बालिग हैं और स्वेच्छा से साथ रहना चाहती हैं, इसलिए पुलिस अब न्यायालय के निर्देशों का इंतजार कर रही है। अदालत में दर्ज किए गए बयानों और कोर्ट के आदेश के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वर्तमान में दोनों युवतियां सरकारी संरक्षण में हैं और पुलिस कोर्ट के फैसले के अनुपालन की तैयारी कर रही है ताकि उन्हें सुरक्षित वातावरण मिल सके।
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