उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू कोतवाली थाना क्षेत्र से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। यहाँ एक दस साल के मासूम बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। यह बच्चा बीते दो फरवरी की शाम को संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था, जब वह पास के ही बघंडा गांव में नौटंकी देखने गया था। काफी तलाश के बाद भी जब उसका कहीं पता नहीं चला, तो परिजनों ने शुक्रवार को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए टीमों का गठन किया, लेकिन शनिवार सुबह गांव के बाहर सरसों के खेत में बच्चे का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शव को पत्तों से ढंककर छिपाने की कोशिश की गई थी।

​बहन के आरोपों से कांप उठी रूह

​शव मिलने के बाद मृतक की बहन और मां ने जो आरोप लगाए हैं, वे कानून-व्यवस्था और समाज की मानसिकता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। बहन का दावा है कि उसके भाई को चार दिनों तक बंधक बनाकर रखा गया और उसके साथ कुकर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया गया। इतना ही नहीं, दरिंदों ने क्रूरता की सीमा लांघते हुए बच्चे का प्राइवेट पार्ट तक उखाड़ दिया, जिससे उसकी तड़प-तड़प कर मौत हो गई। बहन के अनुसार, भाई का पूरा शरीर काला पड़ चुका था, जिससे यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि बदमाशों ने उसे मारने के लिए जहरीला पदार्थ भी दिया था। परिजनों के इन आरोपों ने पुलिस विभाग में हड़कंप मचा दिया है।

​पुलिसिया कार्रवाई और जांच का दायरा

​घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारियों ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ताकि मौत के सटीक कारणों और शारीरिक शोषण की पुष्टि हो सके। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने तीन अलग-अलग टीमों का गठन किया है। मृतक बालक तीन भाइयों में सबसे छोटा था और उसके पिता हरियाणा में मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। पुलिस फिलहाल अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर हर संभावित पहलू से जांच कर रही है, जिसमें आपसी रंजिश और यौन अपराध के कोणों को मुख्य रूप से देखा जा रहा है।


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