उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब हाईकोर्ट के निर्देश पर सरकारी जमीन से अवैध कब्जा हटाने पहुंची टीम पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। खेजूरी थाना क्षेत्र के हाथोज गांव में राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम जैसे ही बुलडोजर लेकर पहुंची, वहां का माहौल तनावपूर्ण हो गया। ग्रामीणों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि देखते ही देखते पूरी टीम पर पथराव शुरू कर दिया। हमले की उग्रता ऐसी थी कि बुलडोजर के शीशे टूट गए और ड्राइवर को अपनी जान बचाकर वहां से वाहन समेत भागना पड़ा। शुरुआत में तैनात स्थानीय पुलिस बल ने मोर्चा संभालने की कोशिश की, लेकिन जब ग्रामीणों की भीड़ उग्र होकर हावी होने लगी, तो सुरक्षा के मद्देनजर अतिरिक्त फोर्स की मांग की गई।
हाईकोर्ट के आदेश पर शुरू हुई थी कार्रवाई की प्रक्रिया
इस पूरे विवाद की जड़ साल 2024 की शुरुआत में दर्ज हुई एक याचिका में छिपी है। गांव के ही एक निवासी सिद्धार्थ रंजन राय ने सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे को लेकर उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने दिसंबर 2024 में अतिक्रमण हटाने का स्पष्ट आदेश जारी किया था। प्रशासन का दावा है कि चिन्हित किए गए मकान स्वामियों को नियमानुसार पंद्रह दिन पहले ही नोटिस तामील करा दिया गया था, ताकि वे स्वयं अवैध निर्माण हटा लें। मंगलवार को जब सिकंदरपुर तहसील के आला अधिकारियों की मौजूदगी में कार्रवाई शुरू की गई, तो विरोध की आग भड़क उठी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस ने कार्रवाई के दौरान बल प्रयोग किया और घरों में तोड़फोड़ की, जिससे महिलाओं और बच्चों में भी भय का माहौल बन गया।
आंसू गैस के गोले और पीएसी की तैनाती से संभले हालात
ग्रामीणों के लगातार बढ़ते विरोध और पथराव को देखते हुए प्रशासन ने पीएसी की एक कंपनी को मौके पर बुलाया। करीब डेढ़ सौ जवानों ने गांव में मोर्चा संभाला और प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का सहारा लिया। लगभग डेढ़ घंटे तक गांव छावनी में तब्दील रहा और दोनों तरफ से तनातनी चलती रही। आखिरकार भारी सुरक्षा घेरे के बीच तहसीलदार और नायब तहसीलदार की निगरानी में चिन्हित दो मकानों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान शुरू कर दी है। लेखपाल की तहरीर पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जा रहा है और एएसपी ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है।
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