समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री मोहम्मद आज़म खान को गुरुवार को रामपुर की विशेष MP-MLA कोर्ट से बड़ी कानूनी जीत मिली है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान दर्ज किए गए एक और 'हेट स्पीच' (भड़काऊ भाषण) मामले में अदालत ने उन्हें दोषमुक्त (Acquit) करार दिया है। हालांकि, राहत के बावजूद अन्य मामलों में सजायाफ्ता होने के कारण उन्हें फिलहाल जेल में ही रहना होगा।

साक्ष्यों के अभाव में मिली जीत

​यह मामला 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के समय का है। आरोप था कि आज़म खान ने रामपुर के मिलक क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए जिला प्रशासन और तत्कालीन निर्वाचन अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया था। मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष (Prosecution) आरोपों की पुष्टि के लिए ठोस साक्ष्य और गवाह पेश करने में विफल रहा। बचाव पक्ष के वकीलों की दलीलों को सुनने के बाद, अदालत ने साक्ष्यों की कमी के आधार पर उन्हें बरी करने का आदेश जारी किया।

रामपुर जेल में ही रहेंगे आज़म

​अदालत के इस फैसले से आज़म खान के समर्थकों में खुशी की लहर है, लेकिन उनकी रिहाई का रास्ता अभी साफ नहीं हुआ है। आज़म खान वर्तमान में रामपुर जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि वह अपने बेटे अब्दुल्ला आज़म के 'दो पैन कार्ड' और 'दो जन्म प्रमाण पत्र' से जुड़े मामलों में सजा काट रहे हैं।

दिसंबर में दूसरी सफलता

​आज़म खान के लिए कानूनी मोर्चे पर यह दिसंबर का महीना काफी राहत भरा साबित हो रहा है। इससे पहले, 11 दिसंबर को भी उन्हें सेना पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के एक पुराने मामले में कोर्ट से राहत मिली थी। उनके वकीलों का कहना है कि वे अन्य मामलों में भी ऊपरी अदालतों में अपील कर रहे हैं और उन्हें न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है।


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