अमृतसर में जांबाज एएसआई हरजीत सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने 24 घंटे के भीतर बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी दीपक सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया। 18 सितंबर की रात भगतांवाला दाना मंडी में ड्यूटी के दौरान एएसआई हरजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। खाकी पर हुए इस सीधे हमले के बाद पुलिस कमिश्नरेट की कई टीमें शूटरों की तलाश में लगातार दबिश दे रही थीं। सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल इनपुट और मुखबिरों से मिले सुराग के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात संदिग्धों की सटीक घेराबंदी कर ली।

​नाके पर अंधाधुंध फायरिंग

थांदा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने जब स्कूटर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। बदमाशों ने पुलिस पर करीब चार राउंड फायर किए, जिसमें एक गोली सीआईए स्टाफ के जवान की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने फौरन मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की। दोनों तरफ से हुई गोलीबारी में मुलेचक निवासी मुख्य शूटर दीपक सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

​दूसरे शूटर की तलाश


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मुठभेड़ के दौरान स्कूटर पर पीछे बैठा दूसरा आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग निकला। पुलिस ने मौके से एक 30 बोर की पिस्टल, दो मैगजीन, जिंदा कारतूस और वारदात में इस्तेमाल स्कूटर बरामद कर लिया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड के तार सीमा पार बैठे आतंकियों से भी जुड़े हो सकते हैं। पुलिस ने पूरे इलाके को सील कर दिया है और फरार शूटर की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह नाकेबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

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