रामपुर जिले के टांडा थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला नज्जुपुरा में शनिवार की दोपहर उस वक्त कोहराम मच गया जब एक कपड़ा कारोबारी के घर में घुसकर बेखौफ बदमाशों ने लूटपाट के बाद बुजुर्ग महिला की जीवनलीला समाप्त कर दी। कपड़ा व्यापारी मोहम्मद रफी की ६५ वर्षीय पत्नी रफत शाहीन उस समय घर में अकेली थीं जब अज्ञात हमलावरों ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। घटना की जानकारी तब हुई जब पड़ोस की एक महिला दीनी बैठक के सिलसिले में उनके घर पहुंची और रफत शाहीन को अचेत अवस्था में जमीन पर पड़ा देखा। आनन-फानन में उन्हें चिकित्सक के पास ले जाया गया लेकिन वहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इस घटना ने पूरे इलाके में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है और स्थानीय निवासियों में भारी रोष व्याप्त है।

अरमानों की लूट और हत्या का खौफनाक मंजर

मृतका के गोद लिए पुत्र हारिश के अनुसार घर की अलमारियों में वर्षों से पाई-पाई जोड़कर जमा की गई नकदी और सोने के जेवर रखे हुए थे। यह सब हारिश की आगामी शादी की तैयारियों के लिए संजोया गया था। बदमाशों ने न केवल एक मां की जान ली बल्कि परिवार के भविष्य के सपनों को भी लूट लिया। घर का सारा सामान अस्त-व्यस्त पड़ा मिला जो इस बात की तस्दीक करता है कि बदमाशों ने बड़े आराम से पूरे घर को खंगाला। रफत शाहीन के गले में लिपटा हुआ दुपट्टा उनकी दर्दनाक मौत की गवाही दे रहा था। परिजनों का मानना है कि लूट का विरोध करने पर ही हत्यारों ने महिला का गला घोंटा होगा। घटना स्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्रित किए हैं ताकि अपराधियों तक पहुंचा जा सके।

सीसीटीवी फुटेज में संदिग्ध महिला और पुलिस की कार्रवाई

पुलिस प्रशासन ने इस संवेदनशील मामले को सुलझाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। सीओ कीर्ति निधि आनंद के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं जो विभिन्न पहलुओं पर बारीकी से काम कर रही हैं। तफ्तीश के दौरान पुलिस के हाथ कुछ अहम सुराग लगे हैं जिनमें एक बुर्का पहने महिला की संदिग्ध गतिविधियां कैमरे में कैद हुई हैं। यह महिला मृतका के घर वाली गली में आती-जाती दिखाई दे रही है और सोशल मीडिया पर भी यह फुटेज तेजी से प्रसारित हो रहा है। पुलिस फिलहाल इस संदिग्ध महिला की पहचान करने और उसकी संलिप्तता की जांच करने में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस दोहरे अपराध का पर्दाफाश कर आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।

निःसंतान दंपत्ति का सहारा था गोद लिया बेटा

इस दुखद घटना का एक मार्मिक पहलू यह भी है कि रफत शाहीन और मोहम्मद रफी की अपनी कोई संतान नहीं थी। उन्होंने करीब २५ साल पहले अपने भाई के बेटे हारिश को एक वर्ष की आयु में गोद लिया था और उसे सगे बेटे से बढ़कर पाला था। हारिश के लिए ही रफत ने अपनी ममता और मेहनत की कमाई के गहने सुरक्षित रखे थे। आज जब हारिश की शादी का वक्त करीब आ रहा था तभी नियति ने इतना क्रूर मोड़ ले लिया। पूरे मोहल्ले में इस परिवार की सादगी की चर्चा होती थी लेकिन इस वारदात ने हंसते-खेलते परिवार को उजाड़ कर रख दिया है। फिलहाल पुलिस क्षेत्र में गश्त बढ़ाने और संदिग्धों पर नजर रखने का भरोसा दिला रही है।


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