स्वार तहसील के अंतर्गत पीपली वन में लकड़ी तस्करों का दुस्साहस चरम पर पहुंच गया है। बृहस्पतिवार की रात खैर के पेड़ों का अवैध कटान कर रहे तस्करों ने रोकने पर वन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया और अंधाधुंध तीन राउंड फायरिंग की। यह संयोग रहा कि गश्त कर रहे वन कर्मी इस हमले में सुरक्षित बच गए।

​वन कर्मियों ने भी हार नहीं मानी और जवाबी कार्रवाई में पाँच राउंड फायर किए, जिसके बाद तस्कर रात के अंधेरे का लाभ उठाकर उत्तराखंड की सीमा की ओर फरार होने में कामयाब रहे।

​तस्करों ने किया सीधा हमला

​डीएफओ (प्रभागीय वन अधिकारी) प्रणव जैन ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि सलारपुर बीट में रात के समय तस्कर खैर के पेड़ काट रहे थे। आहट सुनकर वन कर्मियों ने उन्हें ललकारा। वन कर्मियों को देखते ही तस्करों ने उन पर सीधे फायर कर दिया।

​डीएफओ ने बताया कि तस्करों की फायरिंग के बाद वन विभाग की टीम ने भी आत्मरक्षा में पाँच राउंड फायर किए। इसके बाद तस्कर उत्तराखंड की सीमा की तरफ भाग निकले, जहां से वे अक्सर बच निकलते हैं।


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"तस्कर अब लगभग हर दूसरे दिन वन कर्मियों पर फायरिंग कर रहे हैं। पिछले 12 दिनों में ही ऐसी चार घटनाएं हो चुकी हैं। यह साफ दर्शाता है कि उन्हें कानून का कोई डर नहीं है।" - प्रणव जैन, डीएफओ

​पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल

​पीपली वन में यह कोई पहली घटना नहीं है। डीएफओ के अनुसार, इससे पहले नवंबर में भी अवैध कटान और गोलीबारी की दो बड़ी घटनाएं सामने आई थीं। विभाग लगातार पुलिस को तहरीर दे रहा है, लेकिन पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही है।​मिली जानकारी के अनुसार, वन विभाग की ओर से तहरीर दिए जाने के बावजूद अभी तक पुलिस ने कोई एफआईआर दर्ज नहीं की है।

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