रामपुर में सड़क सुरक्षा को लेकर पुलिस महकमे ने एक नई पहल की शुरुआत की है। नवम्बर महीने को यातायात माह के रूप में मनाते हुए शहरभर में लोगों को नियमों के प्रति जागरूक करने का अभियान शुरू किया गया। कार्यक्रम के दौरान एएसपी अनुराग सिंह ने प्रचार-प्रसार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही स्कूली बच्चों की एक रैली भी निकाली गई, जिसके जरिए आम लोगों को सड़कों पर संभलकर चलने का संदेश दिया गया।
सुरक्षा नियमों की सीधी अपील
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आमजन से सीधे जुड़ते हुए कहा कि सफर के दौरान लापरवाही बिल्कुल न बरतें। दोपहिया वाहन चलाते समय हमेशा अच्छी गुणवत्ता का हेलमेट लगाएं और चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट जरूर पहनें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन पर बात करने या तेज रफ्तार से गाड़ी दौड़ाने से हादसों का खतरा बढ़ जाता है। नशे की हालत में गाड़ी चलाना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए हमेशा तय गति सीमा में ही वाहन चलाएं।
चालान नहीं, जिंदगी बचाना मकसद
एएसपी अनुराग सिंह ने साफ तौर पर कहा कि पुलिस का मकसद चालान काटना या डराना नहीं, बल्कि लोगों की जान सुरक्षित रखना है। सड़क पर एक छोटी सी चूक सिर्फ चालक ही नहीं, बल्कि सामने वाले की जान भी जोखिम में डाल देती है। हर व्यक्ति के घर पर उसका परिवार इंतजार करता है। जब हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझेगा, तभी सड़कें पूरी तरह सुरक्षित बन पाएंगी।
बच्चों को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी
समारोह में शामिल स्कूली बच्चों से बातचीत करते हुए उन्होंने एक बेहद भावुक और जरूरी सीख दी। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे अपने घर के सबसे बड़े पहरेदार बनें। अगर घर में पिता, भाई या कोई भी सदस्य बिना हेलमेट या सीट बेल्ट के गाड़ी निकाले, तो उन्हें तुरंत टोकें और नियम मानने को कहें। बच्चों की यह सीख बड़ों की आदत बदलने में सबसे ज्यादा असरदार साबित होगी।
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