रामपुर, 31 अक्टूबर। रामपुर जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत ग्राम गदा में आबादी क्षेत्र के पास स्थापित की जा रही मटर प्लांट फैक्ट्री को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। गाटा संख्या 182 में मैसर्स राधे श्याम फूड्स प्रोडक्ट के नाम से चल रहे निर्माण कार्य से भविष्य में फैलने वाली भीषण गंदगी, सड़ांध और बदबू को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मटर प्रोसेसिंग प्लांट से निकलने वाले अपशिष्ट और सड़ांध भरे गंदे पानी से पूरे इलाके में तीव्र दुर्गंध फैलेगी। फैक्ट्री स्थल से मात्र 300 मीटर के दायरे में घनी ग्रामीण आबादी निवास करती है। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर रिहायशी इलाके के बिल्कुल नजदीक इस इकाई को लगाया जा रहा है। प्लांट चालू होने के बाद उठने वाली बदबू से लोगों का सांस लेना दूभर हो जाएगा और संक्रामक बीमारियों का प्रकोप फैलने की पूरी आशंका है।

ग्रामीणों ने पत्र में उल्लेख किया है कि मटर की धुलाई और प्रोसेसिंग के बाद भारी मात्रा में दूषित पानी बाहर छोड़ा जाएगा। इस गंदे पानी का उचित निस्तारण न होने से आसपास के कृषि रकबे में जलभराव होगा, जिससे किसानों की लहलहाती फसलें बर्बाद हो जाएंगी। स्थानीय निवासियों ने फैक्ट्री स्वामियों प्रहलाद कुमार आदि से मिलकर आबादी से दूर प्लांट लगाने का अनुरोध किया था, लेकिन निर्माण कार्य को रोकने के बजाय लगातार जारी रखा गया।

फैक्ट्री निर्माण और उससे जुड़ी गतिविधियों के चलते क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था भी चरमरा गई है। गोविंदपुरा, धालनगरी और कचनाल सहित दर्जनों गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार 90 टन तक की भार क्षमता वाली इस ग्रामीण सड़क पर 300 टन तक वजन ढोने वाले विशालकाय वाहन दौड़ रहे हैं। इस अत्यधिक भार के कारण सड़क जगह-जगह से धंस चुकी है और गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बेहद जोखिमभरा हो चुका है।

ग्रामीणों ने प्रशासन और शासन को भेजी शिकायत में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व अन्य संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि नियमों की अनदेखी कर मिलीभगत से अनुमतियां हासिल की गई हैं। उन्होंने मांग की है कि जारी की गई सभी स्वीकृतियों की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए और नियमों के खिलाफ पाए जाने पर अनापत्ति प्रमाण पत्र निरस्त कर निर्माण को पूरी तरह बंद कराया जाए।

शिकायतकर्ता बलविन्दर सिंह समेत ग्राम कचनाल, गदा और आसपास के ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे अपने स्वास्थ्य, पर्यावरण और खेती को किसी भी कीमत पर बर्बाद नहीं होने देंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जिला प्रशासन और शासन ने समय रहते इस मामले में ठोस कदम उठाकर निर्माण कार्य पर रोक नहीं लगाई, तो वे जनहित की रक्षा के लिए माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे।


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