गाजियाबाद, 1 नवंबर। गाजियाबाद, 1 नवंबर। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की गिरफ्त में आए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान को रविवार को अदालत से बड़ा झटका लगा। गाजियाबाद स्थित विशेष PMLA अदालत ने सुनवाई के बाद सपा नेता को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश जारी किया। अदालती आदेश मिलते ही सुरक्षा एजेंसियों ने कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें गाजियाबाद की डासना जिला जेल में दाखिल करा दिया। शनिवार शाम रामपुर जेल से रिहाई के फौरन बाद हुई गिरफ्तारी के मामले में यह पहली अदालती कार्रवाई है।
विशेष PMLA कोर्ट में हुई पेशी
रविवार को जांच एजेंसी ED ने आजम खान को गाजियाबाद की विशेष अदालत में कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया। पेशी के दौरान अदालत परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे। दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद विशेष न्यायाधीश ने सपा नेता को दो सप्ताह की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। अदालत से बाहर निकलते वक्त जब पत्रकारों ने उनसे सवाल किए, तो आजम खान ने तल्ख लहजे में कहा कि अब बोलने को क्या रह गया है। इसके तुरंत बाद पुलिस का काफिला उन्हें लेकर डासना जेल रवाना हो गया।
गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे सिब्बल
ED की इस त्वरित कार्रवाई को अब देश की शीर्ष अदालत में चुनौती दी जा रही है। वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने आजम खान की गिरफ्तारी के तौर-तरीकों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। बचाव पक्ष का तर्क है कि जब एक मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिल चुकी थी, तब जेल के बाहर ही दूसरे मामले में फौरन गिरफ्तारी की प्रक्रिया विधिसम्मत नहीं है। इस कानूनी पहल के जरिए शीर्ष अदालत से मामले में जल्द सुनवाई और राहत की मांग की जा रही है।
अखिलेश यादव ने साधा सरकार पर निशाना
आजम खान की दोबारा जेल रवानगी पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बयान जारी कर केंद्र और राज्य सरकार पर सीधा हमला बोला। सपा प्रमुख ने कहा कि आज के सत्ताधीशों को यह याद रखना चाहिए कि वक्त बदलने पर तख्त और सिंहासन भी बदल जाया करते हैं। उन्होंने दर्ज मुकदमों को पूरी तरह सुनियोजित षड्यंत्र बताते हुए कहा कि एक बुजुर्ग नेता को बार-बार जेल भेजना प्रशासनिक मर्यादा के खिलाफ है।
जौहर यूनिवर्सिटी वित्तीय जांच की पृष्ठभूमि
यह पूरी कानूनी कार्रवाई रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ी है। ED संस्थान के निर्माण में सरकारी बजट और सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के आरोपों की जांच कर रही है। एजेंसी ने बीते 28 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी से जुड़ी करीब 1,170 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थाई तौर पर कुर्क किया था।
दो पैन कार्ड केस में मिली थी राहत
आजम खान अपने बेटे अब्दुल्ला आजम के साथ दो पैन कार्ड मामले में करीब 11 महीने से रामपुर जेल में बंद थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट से 29 अक्टूबर को दोनों की सजा निलंबित होने के बाद 31 अक्टूबर की शाम उनकी रिहाई हुई थी। हालांकि जेल गेट से बाहर आते ही ED ने उन्हें जौहर यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हिरासत में ले लिया, जिसके बाद अब उन्हें डासना जेल में दिन बिताने पड़ेंगे।
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