उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद अंतर्गत बिलासपुर क्षेत्र में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। मुरादाबाद से आई भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने एक सोची-समझी घेराबंदी के तहत गोविंदपुरा बिजलीघर में तैनात टेक्निशियन नितेश सिंह को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह पूरी घटना गुरुवार दोपहर की है जब आरोपी कर्मचारी चकफेरी मोड़ स्थित एक मिठाई की दुकान पर शिकायतकर्ता से पैसे ले रहा था। विजिलेंस की इस अचानक हुई कार्रवाई से स्थानीय विद्युत विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आरोपी टेक्निशियन मूल रूप से दिल्ली का निवासी है और पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा था।

कनेक्शन के नाम पर अवैध वसूली और विजिलेंस का जाल

इस पूरे घटनाक्रम की शुरुआत सिकरौरा गांव के निवासी किसान सुखविंदर सिंह की शिकायत से हुई। किसान का आरोप था कि उसके भतीजे ने घरेलू बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले में टेक्निशियन नितेश सिंह द्वारा लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। कार्य को जल्द संपन्न कराने के एवज में ग्यारह हजार रुपये की राशि तय की गई थी। किसान ने इसकी सूचना विजिलेंस विभाग को दी, जिसके बाद योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया। जैसे ही रिश्वत की रकम का लेनदेन हुआ, मुरादाबाद से आए निरीक्षक शैलेंद्र सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने आरोपी को पकड़ लिया और उसे तत्काल स्थानीय कोतवाली ले जाया गया।

साजिश का आरोप और विभाग की विभागीय सफाई

एक तरफ जहां विजिलेंस टीम इसे भ्रष्टाचार का सीधा मामला मान रही है, वहीं दूसरी ओर विभाग के उच्चाधिकारियों के सुर कुछ अलग नजर आ रहे हैं। उपखंड अधिकारी प्रदीप कुमार प्रसाद ने इस पूरी कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। उनका तर्क है कि शिकायतकर्ता किसान पर बिजली का बिल बकाया था और कुछ समय पहले राजस्व वसूली के दौरान उसने विभागीय टीम के साथ दुर्व्यवहार भी किया था। अधिकारी का दावा है कि टेक्निशियन को रिश्वत के लिए नहीं बल्कि उसी बकाया राशि को जमा करने के सिलसिले में बुलाया गया था। हालांकि, विजिलेंस की टीम इन तर्कों से इतर साक्ष्यों के आधार पर कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और उपभोक्ताओं को चेतावनी

इस मामले के तूल पकड़ने के बाद अधिशासी अभियंता कर्मवीर सिंह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि बिजली विभाग भ्रष्टाचार के मामलों में पूरी तरह सख्त है। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग की नीति अनैतिक गतिविधियों के प्रति शून्य सहनशीलता की है और आरोपी के खिलाफ विभागीय नियमों के अनुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके साथ ही प्रशासन ने आम जनता और उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे किसी भी विभागीय कार्य के लिए बिचौलियों या अवैध मांग करने वाले कर्मियों के बहकावे में न आएं। यदि कोई कर्मचारी कार्य के बदले अनुचित लाभ की मांग करता है, तो उसकी सूचना तुरंत उच्चाधिकारियों को दी जानी चाहिए ताकि व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहे।


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