उत्तर प्रदेश का रामपुर जनपद, जो अपनी भौगोलिक स्थिति और कोसी नदी के बहाव के कारण खनन का मुख्य केंद्र रहा है, वर्तमान में अवैध खनन के खिलाफ एक बड़े अभियान का गवाह बन रहा है। उत्तराखंड की सीमा से सटे इस जिले में कोसी नदी दोनों राज्यों के बीच बहती है, जहाँ लंबे समय से अवैध खनन का काला कारोबार फल-फूल रहा था। इस मुद्दे की संवेदनशीलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अतीत में कई तत्कालीन जिलाधिकारियों को माननीय उच्च न्यायालय के सम्मुख पेश होकर इस पर अपनी सफाई तक देनी पड़ी थी। इसी ऐतिहासिक चुनौती को स्वीकार करते हुए वर्तमान जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने अब खनन माफियाओं के खिलाफ एक निर्णायक मोर्चा खोल दिया है।

अवैध सिंडिकेट को तोड़ने के लिए सख्त घेराबंदी

​जिलाधिकारी ने जिले में अवैध खनन और ओवरलोडिंग के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए एक बहुस्तरीय और प्रभावी रणनीति तैयार की है। डीएम के निर्देश पर जिले के उन तमाम रास्तों पर कड़ा पहरा बिठा दिया गया है, जो खनन परिवहन के लिए संवेदनशील माने जाते हैं। इस बार प्रशासन केवल पारंपरिक तरीकों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासनिक कार्रवाई की इस सक्रियता ने उन सिंडिकेट्स की कमर तोड़ दी है जो लंबे समय से नियमों को ताक पर रखकर इस अवैध धंधे में संलिप्त थे।

हाई-टेक निगरानी और भारी फोर्स की तैनाती

​सुरक्षा और निगरानी को पुख्ता करने के लिए जिले के प्रमुख रास्तों पर हाई-टेक चेकप्वाइंट्स स्थापित किए गए हैं। इन सभी चेकप्वाइंट्स को सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है ताकि हर छोटे-बड़े वाहन की गतिविधि पर मुख्यालय से सीधी नजर रखी जा सके। इस विशाल अभियान को सफल बनाने के लिए जिलाधिकारी ने 200 से अधिक अधिकारियों की एक समर्पित टीम को मैदान में उतारा है। अधिकारियों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इन टीमों के साथ भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिससे खनन माफियाओं को सिर उठाने का कोई मौका नहीं मिल रहा है।

डीएम के औचक निरीक्षण से मची खलबली

​प्रशासन की इस मुहिम की सबसे खास बात जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी का खुद धरातल पर सक्रिय होना है। डीएम समय-समय पर पूरी टीम के साथ संवेदनशील क्षेत्रों और चेक पॉइंट्स का औचक निरीक्षण कर रहे हैं। बिना किसी पूर्व सूचना के होने वाली इस छापेमारी ने अवैध कारोबारियों के सूचना तंत्र को पूरी तरह से पंगु बना दिया है। जिलाधिकारी के इस कड़े और ईमानदार रुख ने यह स्पष्ट संदेश दे दिया है कि रामपुर में अब प्राकृतिक संपदा की लूट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की इस निरंतर कार्रवाई से खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मचा हुआ है।


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