उत्तर प्रदेश के जनपद रामपुर अंतर्गत बिलासपुर तहसील के एक गांव में प्रेम और तकरार का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक युवक और युवती के बीच बीते कई वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच नजदीकियां इस कदर बढ़ीं कि शादी के वादे होने लगे। हालांकि, जैसे ही युवती ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए निकाह का दबाव बनाया, प्रेमी अपने वादों से पीछे हटने लगा। युवती जब भी शादी की बात छेड़ती, प्रेमी कोई न कोई बहाना बनाकर उसे टाल देता। प्रेमी की यह टाल-मटोल धीरे-धीरे युवती के सब्र का बांध तोड़ने लगी। शनिवार को इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके बाद युवती ने वह कदम उठाया जिसने पूरे गांव में सनसनी फैला दी।
प्रेमी की चौखट पर प्रेमिका का जोरदार हंगामा
अपने हक की लड़ाई लड़ने के लिए युवती सीधे प्रेमी के घर जा पहुंची। उसने वहां पहुंचकर साफ कह दिया कि वह अब यहां से अपनी डोली उठने के बाद ही जाएगी। युवती द्वारा प्रेमी की चौखट पर किए गए इस हंगामे ने ग्रामीणों का ध्यान खींच लिया। देखते ही देखते वहां तमाशबीनों की भारी भीड़ जमा हो गई। युवती अपनी बात पर अड़ी रही और घंटों तक वहां शोर-शराबा होता रहा। प्रेमी के परिवार ने उसे समझाने की कोशिश की, लेकिन युवती के तेवरों के आगे किसी की एक न चली। ग्रामीण परिवेश में इस तरह के ड्रामे ने माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जिसके बाद सूचना पुलिस तक पहुंच गई।
पुलिस की एंट्री और थाने की चौखट पर पंचायत
हंगामे की सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को शांत कराया और उन्हें बिलासपुर कोतवाली ले आई। रात के सन्नाटे में थाने के भीतर ही न्याय की चौखट सजी। इलाके के गणमान्य लोग और दोनों परिवारों के सदस्य वहां एकत्र हुए। कई घंटों तक जद्दोजहद चलती रही और निकाह को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। शुरुआत में दोनों पक्षों के बीच खींचतान दिखी, लेकिन जब युवती अपने फैसले पर अडिग रही और कानूनी कार्रवाई का डर सामने आया, तो प्रेमी पक्ष को झुकना पड़ा। पंचायत के बीच सर्वसम्मति बनी कि दोनों का निकाह पढ़ाया जाए।सहमति बनते ही मौलवी को बुलाया गया और थाने के बाहर मौजूद गणमान्य लोगों की उपस्थिति में प्रेमी युगल का निकाह संपन्न करा दिया गया। जिस प्रेमी ने शादी से हाथ पीछे खींच लिए थे, उसे आखिरकार युवती को अपनी जीवनसंगिनी स्वीकार करना पड़ा।
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