पाकिस्तान में नाराजगी: Salman Khan के इस बयान में बलूचिस्तान का नाम पाकिस्तान से अलग लिया गया था, जिससे पाकिस्तानी सरकार और कई लोगों में नाराजगी फैल गई। पाकिस्तान इसे बलूचिस्तान की अलग पहचान को बढ़ावा देने वाला बयान मान रहा है।
'आतंकवादी' घोषित करना: इस बयान के बाद, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कथित तौर पर Salman Khan का नाम अपने 1997 के 'आतंकवाद विरोधी अधिनियम' (Anti-Terrorism Act) के 'फोर्थ शेड्यूल' (चौथी अनुसूची) में डाल दिया है। इस सूची में उन लोगों को रखा जाता है जिन पर आतंकवाद से संबंध होने का संदेह होता है।
यह भी पढ़ें: ट्रंप ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
कानूनी कार्रवाई की संभावना: फोर्थ शेड्यूल में नाम आने का मतलब है कि सलमान खान पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, उनके आने-जाने पर पाबंदी लगाई जा सकती है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
बलूचिस्तान का मुद्दा
स्वायत्तता की मांग: बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक खनिज-समृद्ध प्रांत है, लेकिन लंबे समय से यहां के लोग पाकिस्तान सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करते आ रहे हैं। बलूचिस्तान के लोग प्रांत के विकास में अपने हिस्से और स्वायत्तता की मांग करते हैं।
अलगाववादी नेताओं का समर्थन: सलमान के बयान से एक तरफ जहां पाकिस्तान सरकार भड़की हुई है, वहीं दूसरी तरफ बलूचिस्तान के अलगाववादी नेताओं ने उनके बयान का समर्थन किया है। बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने कहा कि सलमान के इस बयान से दुनिया को बलूचिस्तान की अलग पहचान को समझने में मदद मिलेगी।
अन्य पहलू
सलमान खान की चुप्पी: इस विवाद के बाद से सलमान खान या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दा: यह मामला सिर्फ फिल्मी दुनिया का नहीं रहा, बल्कि एक भू-राजनीतिक मुद्दा बन गया है, जिस पर दुनिया भर के लोग और मीडिया नजर रख रहे हैं। ---समाप्त---एक्टर Salman Khan को किया गया "आतंकी" घोषित, सरकार ने लिया बड़ा फैसला!
Oct 26, 2025
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,
Harvinder Sidhu | उत्तराखण्ड तहलका,
पाकिस्तान में नाराजगी: Salman Khan के इस बयान में बलूचिस्तान का नाम पाकिस्तान से अलग लिया गया था, जिससे पाकिस्तानी सरकार और कई लोगों में नाराजगी फैल गई। पाकिस्तान इसे बलूचिस्तान की अलग पहचान को बढ़ावा देने वाला बयान मान रहा है।
'आतंकवादी' घोषित करना: इस बयान के बाद, पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कथित तौर पर Salman Khan का नाम अपने 1997 के 'आतंकवाद विरोधी अधिनियम' (Anti-Terrorism Act) के 'फोर्थ शेड्यूल' (चौथी अनुसूची) में डाल दिया है। इस सूची में उन लोगों को रखा जाता है जिन पर आतंकवाद से संबंध होने का संदेह होता है।
यह भी पढ़ें: ट्रंप ने रूस की दो बड़ी तेल कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
कानूनी कार्रवाई की संभावना: फोर्थ शेड्यूल में नाम आने का मतलब है कि सलमान खान पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, उनके आने-जाने पर पाबंदी लगाई जा सकती है और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
बलूचिस्तान का मुद्दा
स्वायत्तता की मांग: बलूचिस्तान पाकिस्तान का एक खनिज-समृद्ध प्रांत है, लेकिन लंबे समय से यहां के लोग पाकिस्तान सरकार के प्रति असंतोष व्यक्त करते आ रहे हैं। बलूचिस्तान के लोग प्रांत के विकास में अपने हिस्से और स्वायत्तता की मांग करते हैं।
अलगाववादी नेताओं का समर्थन: सलमान के बयान से एक तरफ जहां पाकिस्तान सरकार भड़की हुई है, वहीं दूसरी तरफ बलूचिस्तान के अलगाववादी नेताओं ने उनके बयान का समर्थन किया है। बलूचिस्तान के नेता मीर यार बलूच ने कहा कि सलमान के इस बयान से दुनिया को बलूचिस्तान की अलग पहचान को समझने में मदद मिलेगी।
अन्य पहलू
सलमान खान की चुप्पी: इस विवाद के बाद से सलमान खान या उनके प्रतिनिधियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
अंतरराष्ट्रीय मुद्दा: यह मामला सिर्फ फिल्मी दुनिया का नहीं रहा, बल्कि एक भू-राजनीतिक मुद्दा बन गया है, जिस पर दुनिया भर के लोग और मीडिया नजर रख रहे हैं। ---समाप्त---