उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में बीते कुछ दिनों से चल रहा प्रशासनिक घटनाक्रम अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। गणतंत्र दिवस के अवसर पर अचानक अपने पद से त्यागपत्र देने वाले पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार का व्यवधान न आए, इसे सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने तत्काल प्रभाव से वैकल्पिक व्यवस्था लागू कर दी है। जिलाधिकारी के नवीनतम आदेश के अनुसार, अपर उप जिलाधिकारी सदर राम जनम यादव को अब नगर मजिस्ट्रेट के पद का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया है। यह निर्णय शासकीय कार्यहित को सर्वोपरि रखते हुए लिया गया है ताकि शहर की कानून व्यवस्था और नागरिक सेवाओं में कोई कमी न आए। शासन की ओर से यह भी स्पष्ट कर दिया गया है कि इस अतिरिक्त जिम्मेदारी के लिए संबंधित अधिकारी को कोई पृथक भत्ता नहीं दिया जाएगा और यह व्यवस्था आगामी आदेशों तक प्रभावी रहेगी।

अलंकार अग्निहोत्री के आवास पर कानूनी हलचल

​त्यागपत्र और उसके बाद हुए निलंबन की कार्रवाई के तीसरे दिन भी बरेली के सिविल लाइंस क्षेत्र में गहमागहमी का माहौल बना रहा। बुधवार सुबह जिला प्रशासन की एक टीम निलंबित अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री के सरकारी आवास पर पहुंची और वहां एक आधिकारिक नोटिस चस्पा किया। यह कदम उस समय उठाया गया जब पूर्व सिटी मजिस्ट्रेट अपने आवास के भीतर ही मौजूद थे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भारी पुलिस बल की मौजूदगी रही, जो किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए तैनात की गई थी। प्रशासनिक सूत्रों का मानना है कि यह नोटिस निलंबन के बाद की औपचारिक प्रक्रियाओं और विभागीय जांच से संबंधित हो सकता है। एडीएम सिटी सौरभ दुबे ने भी स्वयं मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था और मौजूदा स्थितियों का बारीकी से निरीक्षण किया।

समर्थकों का जमावड़ा और सुरक्षा घेरा


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​अलंकार अग्निहोत्री द्वारा सरकार की नीतियों और यूजीसी नियमों को लेकर उठाए गए सवालों के बाद उनके समर्थन में कुछ लोग भी सामने आए हैं। मंगलवार रात से ही उनके आवास और निकटवर्ती दामोदर पार्क के पास समर्थकों की भीड़ देखी गई। समर्थकों के बीच इस बात को लेकर भारी चिंता और आशंका थी कि प्रशासन उन्हें किसी गुप्त स्थान पर ले जा सकता है। हालांकि, प्रशासन ने ऐसी किसी भी संभावना को सिरे से खारिज किया है और पुलिस बल की तैनाती को केवल एहतियाती कदम बताया है। संवेदनशील माहौल को देखते हुए पूरे इलाके में कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि शांति व्यवस्था भंग न हो।

विवाद की पृष्ठभूमि और आरोपों का दौर

​इस पूरे प्रकरण की शुरुआत सोमवार को गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान हुई थी, जब 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने अचानक अपने पद से इस्तीफा देने का ऐलान कर सबको चौंका दिया। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए धार्मिक और कानूनी मुद्दों को अपने इस्तीफे का आधार बताया। इसके बाद देर रात जिलाधिकारी आवास पर हुई मुलाकात के बाद उन्होंने बंधक बनाए जाने जैसे गंभीर आरोप भी जड़े, जिन्हें जिलाधिकारी ने निराधार बताया। शासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर शामली कलेक्ट्रेट से संबद्ध कर दिया है। वर्तमान में मंडलायुक्त बरेली इस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगामी कानूनी और विभागीय कदम उठाए जाएंगे।

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