नई दिल्ली। लोक गायिका नेहा सिंह राठौर के खिलाफ ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रसारित आपत्तिजनक और तथ्यात्मक रूप से गलत खबर का मामला अब राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) तक पहुंच गया है। आयोग ने 19 अक्टूबर 2026 को इस मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने संबंधित नियामक संस्थाओं को कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का आग्रह किया है। इसके साथ ही मंत्रालय से 15 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भी मांगी गई है।

क्या है पूरा मामला?

विवाद की शुरुआत 17 अक्टूबर 2026 को हुई, जब ABP नेटवर्क के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक खबर प्रसारित की गई। इस खबर में लोक गायिका नेहा सिंह राठौर का नाम एक कथित देह व्यापार गिरोह से जोड़ दिया गया था। खबर में एक छात्रावास में पुलिस की छापेमारी का उल्लेख था। नेहा सिंह राठौर ने इसका कड़ा विरोध करते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की खबर से उनकी छवि और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई है।

विवाद बढ़ने के बाद ABP नेटवर्क ने अपनी रिपोर्ट में तथ्यात्मक गलती स्वीकार की और सार्वजनिक रूप से खेद जताते हुए माफी मांगी। हालांकि, नेहा सिंह राठौर ने इस माफी को पर्याप्त नहीं माना। उन्होंने मामले में कानूनी कार्रवाई करने की बात कही।

महिला आयोग ने मांगी कार्रवाई रिपोर्ट

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से कहा है कि वह संबंधित नियामक, प्रशासनिक और मीडिया की स्व-नियामक संस्थाओं के माध्यम से इस मामले में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित कराए।


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आयोग ने भारतीय प्रेस परिषद, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया निगरानी केंद्र (EMMC), न्यूज ब्रॉडकास्टर्स एंड डिजिटल एसोसिएशन (NBDA) और डिजिटल पब्लिशर्स कंटेंट ग्रीवेंस काउंसिल (DPCGC) जैसी संस्थाओं का उल्लेख किया है।

आयोग ने सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 के तहत समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने और 15 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई का विवरण उपलब्ध कराने को कहा है।

महिलाओं की गरिमा पर जताई चिंता

राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने बयान में महिलाओं के चरित्र हनन और डिजिटल माध्यमों से उत्पीड़न के मामलों पर चिंता जताई है। आयोग का कहना है कि मीडिया की स्वतंत्रता के साथ जिम्मेदारी भी जुड़ी हुई है।

किसी भी महिला के बारे में खबर प्रकाशित या प्रसारित करते समय तथ्यों की सटीकता के साथ उसकी गरिमा, निजता और प्रतिष्ठा का ध्यान रखा जाना चाहिए।

आयोग ने ऐसे मामलों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी सुरक्षा उपाय अपनाने की भी जरूरत बताई है।

माफी के बाद भी विवाद जारी

ABP नेटवर्क की ओर से गलती स्वीकार करने और माफी मांगने के बावजूद विवाद समाप्त नहीं हुआ है। नेहा सिंह राठौर ने इस मामले को अपनी प्रतिष्ठा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए कानूनी कार्रवाई का इरादा जाहिर किया है।

उनका कहना है कि गलत खबर प्रसारित होने से उनकी छवि को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी भरपाई केवल माफी से नहीं हो सकती। वहीं, नेटवर्क ने अपने स्पष्टीकरण में खबर को तथ्यात्मक रूप से गलत स्वीकार किया है।

अब कार्रवाई रिपोर्ट का इंतजार

राष्ट्रीय महिला आयोग की पहल के बाद अब सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय तथा संबंधित मीडिया संस्थाओं की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। आयोग ने स्पष्ट रूप से 15 दिनों में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

फिलहाल आयोग ने कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देने को कहा है। किसी दंड या अंतिम निर्णय की पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में अगला महत्वपूर्ण कदम मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली कार्रवाई रिपोर्ट होगी।

यह मामला मीडिया में खबरों की तथ्यात्मक जांच, संपादकीय जवाबदेही और महिलाओं की प्रतिष्ठा की सुरक्षा से जुड़ा है।

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