गाजियाबाद में दिल्ली-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर पर चलने वाली नमो भारत ट्रेन इन दिनों एक विवाद के कारण चर्चा में है। दुहाई से मोदीनगर के बीच ट्रेन के भीतर एक युवक और छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मामले में सार्वजनिक मर्यादा को ताक पर रखने और सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के आरोप में तीन लोगों के खिलाफ मुरादनगर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सीसीटीवी फुटेज से वीडियो लीक होने का खुलासा
जांच में यह चौंकाने वाली बात सामने आई कि ट्रेन के भीतर का यह वीडियो किसी सह-यात्री ने नहीं बल्कि ट्रेन के ही एक कर्मचारी ने बनाया था। ट्रेन ऑपरेटर ऋषभ ने कंट्रोल रूम में लगे सीसीटीवी मॉनिटर से इस आपत्तिजनक दृश्य को अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया और बाद में इसे सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इस हरकत ने न केवल यात्रियों की निजता का हनन किया बल्कि सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए।
एनसीआरटीसी की सख्त कार्रवाई
मामला संज्ञान में आते ही नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन यानी एनसीआरटीसी ने आंतरिक जांच बिठाई। जांच में दोषी पाए जाने पर ट्रेन ऑपरेटर ऋषभ को तत्काल प्रभाव से नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। एनसीआरटीसी ने स्पष्ट किया है कि सार्वजनिक परिवहन में अनुशासनहीनता और नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। संस्था ने अपनी शिकायत में कहा है कि इस कृत्य से यात्रियों की सुरक्षा और सार्वजनिक मर्यादा भंग हुई है।
कानूनी घेरे में आरोपी और पुलिस जांच
पुलिस ने एनसीआरटीसी की शिकायत के आधार पर ट्रेन ऑपरेटर समेत वीडियो में दिख रहे युवक और युवती के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि वीडियो को किन-किन प्लेटफॉर्म्स पर साझा किया गया और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता भी है। अधिकारियों का कहना है कि नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेन सेवा में इस तरह का व्यवहार और सुरक्षा मानकों के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कदम उठाए जाएंगे ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
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