नैनीताल, 29 अक्टूबर। जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने पांच व्यक्तियों को छह माह के लिए जिला बदर करने के आदेश जारी किए हैं। विभिन्न आपराधिक मामलों में दर्ज मुकदमों और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर सुनवाई के बाद यह कार्रवाई की गई। आदेश के तहत संबंधित व्यक्तियों को निर्धारित अवधि तक नैनीताल जनपद की सीमा से बाहर रहना होगा।
प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला बदर किए गए व्यक्तियों में रामनगर के बंबाघेर निवासी वसीम खान पुत्र रईस अहमद शामिल हैं। उनके खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत छह, भारतीय दंड संहिता एवं भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत पांच तथा गैंगस्टर एक्ट सहित अन्य मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। न्यायालय ने उनके खिलाफ उपलब्ध आपराधिक मामलों के विवरण का परीक्षण करने के बाद जिला बदर का आदेश जारी किया।
इसी प्रकार रामनगर के शिवनगर कॉलोनी, चोरपानी निवासी अनुज पुत्र रमेश चंद्र को भी छह माह के लिए जिला बदर किया गया है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, अनुज के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत तीन और आर्म्स एक्ट के अंतर्गत एक मुकदमा दर्ज है।
बनभूलपुरा क्षेत्र निवासी फरहान उर्फ बीड़ी पुत्र मोबीन का नाम भी जिला बदर किए गए व्यक्तियों में शामिल है। उसके खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के अंतर्गत मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में इन मुकदमों की कुल संख्या नहीं बताई गई है।
काठगोदाम थाना क्षेत्र के नवाड़खेड़ा, गौलापार निवासी रोहित आर्य पुत्र प्रेम राम के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत एक और आबकारी अधिनियम के अंतर्गत तीन मुकदमे दर्ज बताए गए हैं। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने रोहित आर्य को भी छह माह के लिए जनपद से बाहर रहने का आदेश दिया है।
इसके अलावा मुखानी थाना क्षेत्र के कठघरिया निवासी अमर जोशी पुत्र भैरव दत्त जोशी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के अंतर्गत तीन मुकदमे दर्ज होने की जानकारी दी गई है। उन्हें भी छह माह के लिए जिला बदर करने का आदेश जारी किया गया है।
प्रशासन का कहना है कि इन आदेशों का उद्देश्य जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखना और आपराधिक गतिविधियों पर नियंत्रण करना है। जिला मजिस्ट्रेट न्यायालय ने संबंधित मामलों में सुनवाई के बाद पांचों व्यक्तियों को निर्धारित अवधि तक जिले की सीमा से बाहर रहने के आदेश दिए हैं।
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