मुरादाबाद जनपद के पाकबड़ा थाना क्षेत्र के उमरी सब्जीपुर गांव में जो घटा उसने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है। दो साल से एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाले अरमान और काजल के प्रेम का अंत इतना वीभत्स होगा इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। रविवार की वह काली रात इन दोनों प्रेमियों के लिए काल बनकर आई। जानकारी के अनुसार अरमान अपनी प्रेमिका काजल से मिलने उसके घर पहुंचा था लेकिन वहां काजल के परिजनों ने दोनों को रंगे हाथों पकड़ लिया। जिसके बाद दोनों को बंधक बनाकर बेरहमी से पीट-पीटकर युवक और युवती को मौत के घाट उतार दिया गया।
साक्ष्यों को दफन करने की साजिश
हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने किसी शातिर अपराधी की तरह साक्ष्यों को मिटाने की योजना बनाई। रात के सन्नाटे का फायदा उठाते हुए दोनों शवों को गांव से काफी दूर ले जाया गया। गागन नदी के किनारे स्थित नीम करोली बाबा आश्रम के पास एक सुनसान स्थान चुना गया और वहां गड्ढा खोदकर दोनों शवों को चोरी-छिपे जमीन में दफन कर दिया गया। आरोपियों को लगा कि मिट्टी की परतों के नीचे उनका यह पाप हमेशा के लिए छिप जाएगा।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठते सवाल
इस पूरे घटनाक्रम में पुलिस की भूमिका ने एक बार फिर खाकी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अरमान के परिजन सोमवार से ही थाने के चक्कर काट रहे थे। उन्होंने पुलिस को स्पष्ट तौर पर अनहोनी की आशंका जताई थी और काजल के परिजनों पर शक भी जाहिर किया था। आरोप है कि पाकबड़ा पुलिस ने उनकी शिकायतों को अनसुना कर दिया और मामले को गंभीरता से नहीं लिया। तीन दिनों तक अरमान के पिता और भाई न्याय की उम्मीद में भटकते रहे लेकिन पुलिस फाइलों में उलझी रही। परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस ने पहले दिन ही दबिश दी होती तो शायद आरोपियों को शव छिपाने का मौका नहीं मिलता और दोनों की जान भी बचाई जा सकती थी। पुलिस की यह शिथिलता अपराधियों के लिए कवच बन गई।
एसएसपी की सख्ती और शवों की बरामदगी
बुधवार को जब पीड़ित परिवार हताशा में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पास पहुंचा तब जाकर प्रशासन की नींद टूटी। एसएसपी ने मामले की गंभीरता और सांप्रदायिक संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत भारी फोर्स के साथ टीम रवाना की। पुलिस ने संदिग्धों को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने सच उगल दिया। पुलिस की टीम गागन नदी के किनारे पहुंची और चिह्नित स्थान पर खुदाई शुरू की गई। घंटों की मशक्कत के बाद जब मिट्टी के नीचे से अरमान और काजल के बेजान शरीर निकले तो वहां मौजूद हर शख्स की रूह कांप गई। आनन-फानन में शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। वर्तमान में गांव में तनाव को देखते हुए पीएसी तैनात है और पुलिस मुख्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
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