मणिपुर में शांति की कोशिशों को एक बार फिर बड़ा झटका लगा है। तमेंगलॉन्ग जिले के लैशंगफाई गांव में बीती शाम उस वक्त सनसनी फैल गई, जब खेत में काम करने गईं दो महिलाओं की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। घटना के तुरंत बाद उपद्रवियों ने आसपास बने कई फार्म हाउस और कच्चे मकानों में आग लगा दी। आसमान में उठती आग की लपटें देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोग अपनी जान बचाकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागने लगे।

​खौफ और सन्नाटा

​वारदात की जानकारी मिलते ही सुरक्षा बल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक हमलावर जंगल के रास्ते फरार हो चुके थे। मारे गए लोगों में 60 वर्षीय महिला और हाल ही में नर्सिंग का कोर्स पूरा कर गांव लौटी एक युवा महिला शामिल हैं। घटना के बाद से पूरे इलाके में गहरा खौफ और सन्नाटा पसरा हुआ है। ग्रामीणों में भारी रोष है और प्रशासन ने एहतियात के तौर पर प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात कर गश्त तेज कर दी है।

​जारी है जातीय संघर्ष


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​राज्य में मई 2023 से शुरू हुआ जातीय संघर्ष आज भी जारी है। तीन साल से अधिक समय से चले आ रहे इस तनाव में अब तक 306 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं, जबकि लगभग 49 लोग अब भी लापता हैं। सिर्फ इसी साल के संघर्ष में 40 से अधिक लोगों की मौत दर्ज की जा चुकी है। हजारों बेघर परिवार आज भी राहत शिविरों में अपनी जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं।

​सुरक्षा बलों की छापेमारी

​ताजा हिंसा के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं और हमलावरों की धरपकड़ के लिए जंगलों में कॉम्बिंग ऑपरेशन चलाया जा रहा है। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। हालांकि, बार-बार हो रही ऐसी वारदातों से स्थानीय निवासियों के बीच अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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