उत्तर प्रदेश के संभल जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोकतंत्र की बुनियादी प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। पुलिस ने असमोली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिलालपत गांव में एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश किया है। इस मामले में कुल 48 लोगों द्वारा गलत जानकारी देकर मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने की कोशिश की गई थी। इस घटना के सामने आने के बाद जिला प्रशासन और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है क्योंकि यह सीधे तौर पर चुनावी निष्पक्षता पर प्रहार करने का प्रयास था।
एसपी ने दी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी
संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने इस पूरे घटनाक्रम की पुष्टि करते हुए बताया कि बिलालपत गांव के 48 निवासियों के खिलाफ गंभीर धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस की जांच में यह पाया गया कि इन सभी आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत सरकारी मशीनरी को गुमराह करने का प्रयास किया था। आरोपियों ने मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए जो डेटा और दस्तावेज प्रस्तुत किए थे वे पूरी तरह से भ्रामक और गलत पाए गए। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।
दोहरे पहचान पत्रों का हुआ अवैध इस्तेमाल
इस जालसाजी की सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि इन 48 आरोपियों ने पहचान छिपाने और व्यवस्था को चकमा देने के लिए दो-दो आधार कार्ड और दो-दो पैन कार्ड बनवा रखे थे। जांच के दौरान जब दस्तावेजों का मिलान किया गया तो इस बड़ी अनियमितता का खुलासा हुआ। एक ही व्यक्ति द्वारा अलग-अलग विवरणों के साथ दो पहचान पत्र रखना न केवल अवैध है बल्कि यह वित्तीय और नागरिक धोखाधड़ी की श्रेणी में भी आता है। इन्हीं फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर आरोपियों ने मतदाता सूची में अपना पंजीकरण कराने का आवेदन किया था ताकि भविष्य में चुनावों को प्रभावित किया जा सके।
सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज
प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए असमोली थाने में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इन 48 लोगों ने दोहरे आधार और पैन कार्ड कहाँ से और किन माध्यमों से बनवाए थे। इसमें किसी सरकारी कर्मचारी या जनसेवा केंद्र संचालक की मिलीभगत की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। पुलिस का कहना है कि मतदाता सूची की पवित्रता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में इस तरह के प्रयासों को रोकने के लिए सत्यापन प्रक्रिया को और अधिक कड़ा किया जाएगा। फिलहाल पुलिस की टीमें आरोपियों की गिरफ्तारी और अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगी हुई हैं।
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