महाराष्ट्र की राजनीति के कद्दावर नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख अजीत पवार को लेकर आ रहा विमान बुधवार सुबह एक बड़े हादसे का शिकार हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विमान बारामती हवाई पट्टी पर उतरने की कोशिश कर रहा था, तभी अचानक अनियंत्रित होकर जमीन से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि देखते ही देखते विमान आग के गोले में तब्दील हो गया। स्थानीय लोगों ने धुएं का गुबार उठते देख तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई, लेकिन आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि बचाव कार्य में भारी मशक्कत करनी पड़ी। सूचना मिलते ही राहत और बचाव दल मौके पर पहुंचे, परंतु तब तक काफी देर हो चुकी थी।

मुंबई से बारामती वापसी के दौरान हुआ वज्रपात

अजीत पवार बीते दिन मुंबई में थे, जहां उन्होंने राज्य के महत्वपूर्ण राजनीतिक विषयों पर चर्चा करने के लिए देवेंद्र फडणवीस के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की थी। बैठक के बाद वे अपने गृह क्षेत्र बारामती के लिए रवाना हुए थे। किसी ने कल्पना भी नहीं की थी कि यह उनकी अंतिम यात्रा साबित होगी। शरद पवार के भतीजे के रूप में अपनी राजनीतिक पारी शुरू करने वाले अजीत पवार ने अपनी मेहनत और कड़े फैसलों के दम पर प्रदेश की राजनीति में एक अमिट छाप छोड़ी थी। उनकी मृत्यु की खबर मिलते ही उनके पैतृक आवास और बारामती के बाजारों में सन्नाटा पसर गया और लोग सड़कों पर जमा होने लगे।

महाराष्ट्र ने खोया एक कद्दावर और विकासवादी नेता

अजीत पवार न केवल एक कुशल प्रशासक थे, बल्कि उन्हें महाराष्ट्र के विकास पुरुष के रूप में भी देखा जाता था। उनके आकस्मिक चले जाने से राज्य की सत्ता संरचना में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है। सत्ता पक्ष से लेकर विपक्ष तक के तमाम नेताओं ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। सोशल मीडिया पर भी शोक संवेदनाओं का तांता लगा हुआ है। दुर्घटनास्थल से जो तस्वीरें सामने आई हैं, वे मन विचलित करने वाली हैं, जिनमें विमान का मलबा पूरी तरह राख में बदल चुका है। सरकार ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं ताकि तकनीकी खराबी या अन्य कारणों का पता लगाया जा सके।

देशभर में शोक की लहर और सुरक्षा पर सवाल

इस हृदयविदारक घटना ने वीवीआईपी सुरक्षा और विमानों के रखरखाव पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। समूचा देश इस समय पवार परिवार के साथ खड़ा है। बारामती में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और बड़ी संख्या में समर्थक अपने नेता के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचने लगे हैं। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में राजकीय शोक की घोषणा करने की तैयारी कर ली है। अजीत पवार का जाना न केवल एनसीपी के लिए एक अपूरणीय क्षति है, बल्कि महाराष्ट्र की प्रगतिशील राजनीति के एक महत्वपूर्ण अध्याय का दुखद अंत है।


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