उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ का ग्रामीण इलाका सोमवार की शाम उस वक्त चीख-पुकार और सन्नाटे के बीच घिर गया जब मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के सिसेंडी कस्बे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की निर्मम हत्या की खबर सामने आई। इस दोहरे हत्याकांड ने न केवल स्थानीय निवासियों को झकझोर कर रख दिया है बल्कि इलाके की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हमलावरों ने किसी पुरानी रंजिश या लूट के इरादे से इस कदर संवेदनहीनता दिखाई कि एक असहाय महिला और उसके दिव्यांग बेटे को भी नहीं बख्शा। जैसे ही पड़ोसियों को घर के भीतर अनहोनी की आशंका हुई और शव देखे गए, पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते लोगों का हुजूम पीड़ित परिवार के घर के बाहर जमा हो गया।
हत्यारों की क्रूरता ने झकझोर दी लोगों की रूह
इस वारदात में जिस तरह से हत्या को अंजाम दिया गया है उसने पुलिस प्रशासन के भी होश उड़ा दिए हैं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने महिला की हत्या बेहद सुनियोजित और क्रूर तरीके से की। हमलावरों ने महिला को काबू में करने के बाद उसे पानी से भरे एक टब में सिर के बल डुबो दिया जिससे दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। क्रूरता का सिलसिला यहीं नहीं थमा, घर में मौजूद उसके दिव्यांग बेटे को भी मौत के घाट उतार दिया गया। दिव्यांग होने के कारण युवक विरोध करने की स्थिति में नहीं रहा होगा, जिसका फायदा उठाकर अपराधियों ने इस जघन्य कृत्य को अंजाम दिया। घर के भीतर बिखरा सामान और शवों की स्थिति चीख-चीख कर उस संघर्ष की कहानी बयां कर रहे थे जो मौत से पहले मां-बेटे ने किया होगा।
पुलिस की तफ्तीश और फॉरेंसिक टीम की सक्रियता
दोहरे हत्याकांड की सूचना पाकर मोहनलालगंज पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए आला अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए। पुलिस ने तुरंत पूरे घर को घेरे में ले लिया और साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉग स्क्वायड को बुलाया गया। प्राथमिक जांच में पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है, चाहे वह संपत्ति का विवाद हो, कोई पुरानी रंजिश हो या फिर लूटपाट का विरोध। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराधियों ने बड़ी चालाकी से सबूत मिटाने की कोशिश की है, लेकिन आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है ताकि मौत के सटीक कारणों और समय का पता लगाया जा सके।
राजधानी में बढ़ते अपराध और सुरक्षा पर उठते सवाल
लखनऊ जैसे हाई-प्रोफाइल शहर के ग्रामीण अंचल में इस तरह की वारदात ने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। सिसेंडी कस्बे के लोग अब डर के साये में जीने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के मन से पुलिस का खौफ खत्म होता जा रहा है, तभी तो घर के भीतर घुसकर इस तरह की हत्याएं की जा रही हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही हत्यारों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा, लेकिन तब तक सिसेंडी की गलियों में सन्नाटा और अपनों को खोने का गम बना रहेगा। अब देखना यह है कि राजधानी की पुलिस इन बेखौफ हत्यारों तक कब पहुंच पाती है और इस अमानवीय कृत्य के पीछे का असली मकसद क्या था।
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