अमरोहा की पावन धरा पर आयोजित भारतीय जैन मिलन क्षेत्र संख्या तीन के 34वें वार्षिक अधिवेशन में सेवा और समर्पण की एक नई इबारत लिखी गई। इस भव्य कार्यक्रम में बिलासपुर शाखा द्वारा संचालित भगवान महावीर अन्नपूर्णा भोजनालय को उसकी अद्वितीय सेवाओं के लिए इस वर्ष के प्रतिष्ठित 'मुख्य सेवा सम्मान' से अलंकृत किया गया। जून 2025 से निरंतर निर्बाध गति से चल रही यह भोजनशाला आज मानवता की सेवा का एक जीवंत उदाहरण बन चुकी है। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति सुरेश चंद्र जैन ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बिलासपुर की इस पहल को समाज के लिए अनुकरणीय बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूखे को भोजन कराना जगत का सबसे पुनीत कार्य है और बिलासपुर की टीम इस दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभा रही है।
सेवा का अनुपम उदाहरण
अधिवेशन के दौरान मेरठ से पधारे भारतीय जैन मिलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश जैन ऋतुराज ने बिलासपुर की टीम के प्रयासों को सराहा। उन्होंने गौरव के साथ उल्लेख किया कि पूरे भारतवर्ष में जैन मिलन की शाखाओं द्वारा संचालित भोजन प्रकल्पों में बिलासपुर की यह रसोई अपनी विशिष्ट पहचान रखती है। इस अवसर पर क्षेत्रीय अध्यक्ष संदेश कुमार जैन, शाखा अध्यक्ष विनोद जैन और मंत्री हिमांशु जैन सहित महिला इकाई की पदाधिकारियों अध्यक्ष शालिनी जैन , मंत्री प्रिया जैन और वीरांगना रिंकी जैन को स्मृति चिन्ह प्रदान कर प्रोत्साहित किया गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जैन मिलन के सिद्धांतों को धरातल पर उतारने के लिए अन्य शाखाओं को भी बिलासपुर के इस मॉडल को अपनाना चाहिए, ताकि जनसेवा के कार्यों में और अधिक गति आ सके।
भोजनशाला की कार्यप्रणाली
केमरी रोड स्थित इस जैन रसोई की सफलता के पीछे बिलासपुर के हर वर्ग और समाज का अटूट सहयोग छिपा है। क्षेत्रीय अध्यक्ष संदेश कुमार जैन ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि यहाँ प्रतिदिन 300-400 की संख्या में जरूरतमंद लोग सम्मानपूर्वक भोजन ग्रहण करते हैं। सुबह ग्यारह बजे से दोपहर दो बजे तक चलने वाले इस सेवा कार्य में दाल, रोटी, सब्जी और चावल का शुद्ध सात्विक मेल परोसा जाता है। यह केवल एक भोजनशाला नहीं बल्कि श्रद्धा और सद्भावना का केंद्र बन चुकी है। कार्यक्रम के अंत में संयोजिका सपना जैन ने मुरादाबाद, रामपुर, रुद्रपुर और बरेली सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त किया, जिससे यह समागम एकता और सेवा के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
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