रामलला की जन्मभूमि अयोध्या में सुरक्षा के कड़े पहरे को चुनौती देते हुए एक व्यक्ति ने मंदिर की मर्यादा को ठेस पहुंचाने का दुस्साहस किया है। कश्मीर के शोपियां का निवासी अहमद शेख मंदिर के प्रवेश द्वार डी-वन से भीतर घुसने में कामयाब रहा। मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए वह दक्षिणी परकोटे तक जा पहुंचा और वहां नमाज पढ़ने का उपक्रम शुरू कर दिया। जैसे ही श्रद्धालुओं और तैनात सुरक्षाकर्मियों की नजर उस पर पड़ी, तुरंत हड़कंप मच गया। मंदिर जैसे हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील स्थान पर इस तरह की घुसपैठ ने सुरक्षा चक्र की मजबूती पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसकी अब उच्च स्तरीय समीक्षा की जा रही है।

सुरक्षा घेरे में आते ही नारेबाजी और परिसर में मचा बवाल

जब सुरक्षाकर्मियों ने अहमद शेख को उसकी संदिग्ध गतिविधियों के लिए रोकने की कोशिश की, तो उसने शांत होने के बजाय विवाद खड़ा कर दिया। बताया जा रहा है कि पकड़े जाने पर शख्स ने उग्र होकर मजहबी नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे मंदिर परिसर में मौजूद अन्य श्रद्धालुओं के बीच तनाव फैल गया। मौके की नजाकत को देखते हुए वहां तैनात सुरक्षा बलों ने बिना देरी किए उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। इस घटना के बाद राम जन्मभूमि परिसर में अचानक अफरातफरी का माहौल बन गया और सुरक्षा तंत्र को तुरंत 'हाई अलर्ट' पर डाल दिया गया। सुरक्षा बलों ने आरोपी को तत्काल वहां से हटाकर अज्ञात स्थान पर पूछताछ के लिए भेज दिया।

खुफिया एजेंसियों का बड़ा एक्शन और संदिग्ध संपर्कों की तलाश

इस घटना की जानकारी मिलते ही यूपी एटीएस, खुफिया विभाग और स्थानीय पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी सक्रिय हो गए हैं। पकड़े गए अहमद शेख से सघन पूछताछ की जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह किसी व्यक्ति की निजी हरकत थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है। पुलिस ने कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए अयोध्या शहर में घूम-घूमकर कश्मीरी शॉल बेचने वाले अन्य लोगों को भी हिरासत में लिया है। इन सभी से अहमद शेख के संबंध और उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। खुफिया एजेंसियां यह भी खंगाल रही हैं कि आरोपी कश्मीर से अयोध्या कब आया और यहां उसे किसका संरक्षण प्राप्त था।

अयोध्या में चौकसी बढ़ी और ट्रस्ट की रहस्यमयी खामोशी

राम मंदिर में हुई इस घटना ने स्थानीय प्रशासन को हिलाकर रख दिया है। पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और हर नाके पर चेकिंग तेज कर दी गई है। हालांकि, इस पूरे मामले पर श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने अभी तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया है, लेकिन अंदरूनी तौर पर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और अधिक सख्त करने के निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर की पवित्रता को देखते हुए अब मंदिर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति की सूक्ष्मता से जांच की जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि धार्मिक भावनाओं को भड़काने वाली ऐसी किसी भी घटना की पुनरावृत्ति न हो सके।


Advertisement

---समाप्त---