उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने न केवल सरकारी तंत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं को भी झकझोर कर रख दिया है। जल संस्थान जैसी महत्वपूर्ण सरकारी इकाई में तैनात एक कर्मचारी ने अपनी ही सहकर्मी की 16 वर्षीय मासूम बेटी के साथ दरिंदगी की सीमाओं को लांघ दिया। मौदहा तहसील के नायकपुरवा इचौली स्थित जल संस्थान इकाई में तैनात अब्दुल सलाम उर्फ आरिफ ने अपनी घिनौनी करतूत से पूरे विभाग के माथे पर कलंक लगा दिया है। यह घटना दर्शाती है कि समाज में किस कदर भेड़िये मासूमों को अपनी हवस का शिकार बनाने के लिए घात लगाए बैठे हैं।
विश्वास के नाम पर विश्वासघात और ब्लैकमेलिंग
आरोपी अब्दुल सलाम अपने परिवार के साथ जल संस्थान परिसर में बने सरकारी आवास में रहता था। पीड़ित परिवार भी उसी विभाग का हिस्सा था, जिसके कारण मासूम बच्ची ने कभी सपने में भी नहीं सोचा होगा कि पास में रहने वाला शख्स उसकी जिंदगी तबाह करने की योजना बना रहा है। आरोपी ने पहले किशोरी को अपनी मीठी बातों के जाल में फंसाया और फिर बहला-फुसलाकर उसके साथ बलात्कार किया। वह यहीं नहीं रुका, बल्कि उसने किशोरी की कुछ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो भी बना लिए। इन तस्वीरों को उसने अपना हथियार बनाया और फिर शुरू हुआ ब्लैकमेलिंग का एक लंबा और दर्दनाक सिलसिला। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर आरोपी बार-बार किशोरी के जिस्म को नोचता रहा।
खामोशी टूटी तो हुआ इंसाफ का आगाज
लोक-लाज और डर के साये में जीने वाली किशोरी काफी समय तक इस जुल्म को सहती रही, लेकिन जब आरोपी की प्रताड़ना उसके बर्दाश्त के बाहर हो गई, तब उसने अपनी मां को इस खौफनाक हकीकत के बारे में बताया। बेटी के साथ हुई इस दरिंदगी की कहानी सुनकर मां के पैरों तले जमीन खिसक गई। बिना समय गंवाए मामला सदर कोतवाली तक पहुँचा। पुलिस ने मामले की गंभीरता और पॉक्सो एक्ट की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही की। आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376, पॉक्सो एक्ट और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। क्राइम इंस्पेक्टर डीके मिश्रा की टीम ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी अब्दुल सलाम को दबोच लिया।
कठोर कार्रवाई और प्रशासन का संदेश
इस मामले के उजागर होने के बाद जल संस्थान विभाग में भी हड़कंप मच गया। विभाग के उच्च अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए आरोपी पर कड़ा रुख अपनाया। अधिशाषी अभियंता की संस्तुति पर जल संस्थान चित्रकूटधाम मंडल बांदा के महाप्रबंधक ने आरोपी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। वर्तमान में आरोपी जेल की सलाखों के पीछे है और पुलिस उन डिजिटल साक्ष्यों को जुटा रही है जिनके माध्यम से वह किशोरी को प्रताड़ित करता था। समाज के लिए यह घटना एक चेतावनी है कि रक्षक कब भक्षक बन जाए, कहा नहीं जा सकता। अब सभी को न्यायालय के उस फैसले का इंतजार है जो इस दरिंदे को उसके किए की कड़ी सजा दिलाकर समाज में एक मिसाल पेश करेगा।
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