यूपी के जनपद रामपुर की स्वार कोतवाली क्षेत्र के नगर पंचायत नरपत नगर दुन्दावाला में दुर्लभ पक्षियों की अवैध तस्करी के खिलाफ वन विभाग की टीम ने एक बड़ी और प्रभावकारी कार्रवाई को अंजाम दिया है। क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) ठाकुर विजय सिंह को सटीक मुखबिर से गोपनीय सूचना प्राप्त हुई थी कि नरपत नगर क्षेत्र में कुछ शातिर तस्कर अवैध रूप से भारी संख्या में तोतों को बेचने के मकसद से ले जा रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए रेंजर ठाकुर विजय सिंह ने तत्काल प्रभाव से एक विशेष टीम का गठन किया। वन विभाग की इस टीम ने बिना कोई समय गंवाए चिन्हित ठिकाने पर अचानक दबिश दी।
तस्करों की धरपकड़ के लिए दबिश जारी
वन विभाग की छापेमारी की आहट मिलते ही शातिर तस्कर तोतों से भरे पिंजरों को वहीं छोड़कर मौके से भाग निकलने में कामयाब रहे। हालांकि, मुस्तैद टीम ने तुरंत इलाके को घेर लिया और तस्करों के चंगुल से लगभग 80 दुर्लभ तोतों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया। घटना के तुरंत बाद वन विभाग की ओर से स्वार कोतवाली में लिखित तहरीर दी गई। पुलिस ने तहरीर के आधार पर नामजद आरोपी सद्दाम पुत्र सुलेमान, अरबाज पुत्र सुलेमान और दूल्ला पुत्र ईदु (सभी निवासी नरपत नगर) के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फरार आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
पुराने तस्करों पर कसा शिकंजा
मामले में जानकारी देते हुए क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) ठाकुर विजय सिंह ने बताया, "आरोपी सद्दाम व उसके फरार साथियों का वन्यजीव तस्करी का पुराना इतिहास रहा है। लगभग चार वर्ष पूर्व भी उसके ठिकाने से वन विभाग ने 118 तोते बरामद किए थे। यह गिरोह काफी समय से क्षेत्र में दुर्लभ पक्षियों की अवैध तस्करी के कारोबार में सक्रिय है।आज मुखबिर के द्वारा सूचना प्राप्त होने पर तुरंत टीम को एकत्र कर छापामार कार्यवाही की गई।"
वन विभाग की इस मुस्तैदी और त्वरित कार्रवाई से पक्षी तस्करों के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है। इस सफल अभियान में रेंजर ठाकुर विजय सिंह के नेतृत्व में वन दरोगा प्रिंस कुमार, नरेश कुमार, वनरक्षक कपिल कुमार, प्रदीप कुमार, ईशानी राठी, पुष्पेंद्र, परमानंद, शुभम, कृष्णा, हेमंत और भूरा सहित पूरी टीम की सराहनीय और मुस्तैद भूमिका रही।
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