दुबई से इजराइल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में बीच आसमान में जो खौफनाक वारदात हुई, उसने पूरी दुनिया के होश उड़ा दिए हैं। विमान के कॉकपिट के भीतर भारतीय मूल के मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर जानलेवा हमला करने वाले ओमानी को-पायलट हमाम अल-हम्मामी के खिलाफ अब शिकंजा कसता जा रहा है। संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई की सरकार और वहां के बड़े जांच अधिकारी इस पूरे मामले को एक सोची-समझी आतंकी साजिश मानकर चल रहे हैं। यूएई के सरकारी वकीलों की ओर से तैयारी की जा रही है कि आरोपी को-पायलट पर अदालत में आतंकवाद और सैकड़ों लोगों की जान जोखिम में डालने की गंभीर धाराएं लगाकर उसे सीधे मौत की सजा की मांग की जाए। जांच एजेंसियां इस बात की तह तक जाने में लगी हैं कि आखिर इस शख्स के पीछे किसी बड़े आतंकी गिरोह का हाथ तो नहीं था।
आसमान में मौत का खेल
यह दिल दहला देने वाली घटना तीस सितंबर की सुबह घटी थी, जब फ्लाईदुबई की फ्लाइट संख्या एफजेड-1073 ने 174 मुसाफिरों और 8 क्रू सदस्यों के साथ उड़ान भरी थी। विमान जब करीब 34 हजार फीट की ऊंचाई पर था, तभी अचानक को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में रखी इमरजेंसी कुल्हाड़ी निकाली और कैप्टन स्मित मच्छार पर पीछे से ताबड़तोड़ वार कर दिए। आरोपी का मकसद सिर्फ कैप्टन की जान लेना नहीं था, बल्कि वह विमान का पूरा कंट्रोल छीनकर उसे जमीन पर क्रैश कराना चाहता था। हमले के बाद विमान तेजी से नीचे की ओर गोता खाने लगा और कुछ ही मिनटों में करीब सत्रह हजार फीट नीचे आ गया। सिर और चेहरे पर गंभीर घाव होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने अपना होश नहीं खोया। उन्होंने पूरे दमखम से आरोपी का मुकाबला किया और किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिसके बाद केबिन क्रू और बहादुर मुसाफिरों ने भीतर घुसकर हमलावर को रस्सियों से बांधकर काबू किया।
तबुक में बची सैकड़ों जानें
हमलावर के काबू में आते ही लहूलुहान कैप्टन स्मित मच्छार ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क साधा और इमरजेंसी कोड जारी किया। विमान को तुरंत सऊदी अरब के पश्चिमोत्तर शहर तबुक की ओर मोड़ा गया। वहां के प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कैप्टन ने अपनी सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित रनवे पर उतार लिया। जमीन पर उतरते ही सऊदी सुरक्षा बलों ने पूरे विमान को घेरकर आरोपी हमाम अल-हम्मामी को हथकड़ी पहना दी। वहीं दूसरी ओर, खून से लथपथ कैप्टन मच्छार को आनन-फानन में तबुक के स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उनकी इमरजेंसी सर्जरी की। सऊदी अरब के डॉक्टरों की तत्परता और बेहतर इलाज की बदौलत उनकी जान बच गई।
कैप्टन स्मित मच्छार की हालत में सुधार
तबुक अस्पताल में शुरुआती इलाज और हालत स्थिर होने के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को एयरलिफ्ट करके वापस यूएई लाया गया है, जहां अब वे तेजी से ठीक हो रहे हैं। भारतीय दूतावास के अधिकारी लगातार उनके संपर्क में हैं और उनकी देखभाल कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर यूएई और इजराइल के शीर्ष नेतृत्व ने फोन पर कैप्टन से बात करके उनकी बहादुरी को सलाम किया है। वहीं दूसरी तरफ सऊदी अधिकारियों ने आरोपी को-पायलट को यूएई की सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया है। यूएई के अटॉर्नी जनरल के कार्यालय का साफ कहना है कि मासूम मुसाफिरों के जीवन से खिलवाड़ करने वाले इस हमलावर को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और उसे फांसी के फंदे तक पहुंचाने के लिए हर कानूनी कदम उठाया जाएगा।