जनपद में अवैध खनन और मिट्टी के अवैध परिवहन की गतिविधियों को जड़ से समाप्त करने की दिशा में जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं कठोर कदम उठाया है। कलेक्ट्रेट परिसर में संचालित खनन मॉनीटरिंग कंट्रोल रूम का औचक निरीक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि शासन की मंशा के अनुरूप जनपद में अवैध उपखनिज के कार्यों पर पूर्णतः अंकुश लगाया जाएगा। इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य खनन गतिविधियों की निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाना तथा उत्तरदायी अधिकारियों की कार्यशैली को परखना था। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली को बारीकी से देखा और वहां तैनात कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता और तत्परता लाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने एक विशेष कंट्रोल रूम नंबर 8679072802 सार्वजनिक रूप से जारी किया है। इस नंबर के माध्यम से आम जनमानस को शासन के साथ सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया गया है। जिलाधिकारी का मानना है कि अवैध गतिविधियों को रोकने में जनता का सहयोग अनिवार्य है। इसलिए उन्होंने जनपद वासियों से अपील की है कि यदि उनके संज्ञान में कहीं भी मिट्टी या अन्य उपखनिजों का अवैध उत्खनन अथवा परिवहन आता है, तो वे बिना किसी भय या संकोच के इस नंबर पर सूचना दे सकते हैं। जिलाधिकारी ने विश्वास दिलाया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की गोपनीयता और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।
इस नई व्यवस्था के अंतर्गत प्राप्त होने वाली शिकायतों के निस्तारण के लिए एक त्रिस्तरीय त्वरित प्रतिक्रिया तंत्र विकसित किया गया है। कंट्रोल रूम को प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेते हुए उसे तत्काल संबंधित क्षेत्र के उपजिलाधिकारी, खनन अधिकारी और राजस्व विभाग के अधिकारियों को प्रेषित किया जाएगा। सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुँचकर जांच करने और दोषियों के विरुद्ध ऑन-स्पॉट विधिसम्मत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार के विलंब को अस्वीकार्य बताया है और कहा है कि शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता और त्वरितता ही इस अभियान की सफलता का आधार होगी।
नियमों का उल्लंघन करने वालों को कड़ी चेतावनी देते हुए जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने स्पष्ट कहा है कि अवैध खनन में संलिप्त किसी भी व्यक्ति या माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की शून्य सहनशीलता की नीति के तहत दोषियों पर नियमानुसार कठोरतम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसमें भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी प्रक्रिया के तहत जेल भेजने तक के प्रावधान शामिल हैं। जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को भी सचेत किया है कि यदि खनन रोकने के कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही बरती गई, तो संबंधित उत्तरदायी अधिकारियों के विरुद्ध भी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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