उत्तर प्रदेश शासन की भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत रामपुर जिला प्रशासन ने एक बड़ी दंडात्मक कार्रवाई को अंजाम दिया है। तहसील टांडा के अंतर्गत कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर अवैध रूप से जाति प्रमाणपत्र हासिल करने के गंभीर मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उपजिलाधिकारी राजकुमार भास्कर ने इस प्रकरण में घोर लापरवाही और संदिग्ध भूमिका पाए जाने पर संबंधित लेखपाल कुंदन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई उस समय सामने आई है जब जांच में यह स्पष्ट हुआ कि सरकारी तंत्र के एक महत्वपूर्ण अंग ने बिना उचित सत्यापन के फर्जी कागजातों पर अपनी सहमति की मुहर लगा दी थी।

​इस पूरे षड्यंत्र की जड़ें वर्ष 2022 से जुड़ी हैं, जब सुमित नामक व्यक्ति ने स्वयं को ग्राम सेडू का मझरा का निवासी बताते हुए ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से जाति प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था। इस आवेदन के साथ संलग्न किए गए आधार कार्ड और ग्राम प्रधान के साख पत्र पूरी तरह से जाली थे। मामले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब संबंधित ग्राम प्रधान ने स्पष्ट रूप से ऐसे किसी भी प्रमाण पत्र को जारी करने से इनकार कर दिया। गहन छानबीन में यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि मुख्य आरोपी सुमित ने जनसेवा केंद्र संचालक फहीम अहमद और रिजवान खां के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह की तरह काम किया। इन लोगों ने न केवल सरकारी अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर किए बल्कि अवैध मोहरों का निर्माण कर शासन की आंखों में धूल झोंकने का दुस्साहस किया।

​इसी कूटरचित जालसाजी के बूते 21 अप्रैल 2022 को फर्जी जाति प्रमाणपत्र प्राप्त कर लिया गया, जिसका बाद में अनुचित लाभ उठाने के लिए दुरुपयोग भी किया गया। जिलाधिकारी के कड़े निर्देशों के बाद हालांकि लेखपाल कुंदन सिंह ने आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी तो दर्ज कराई थी, किंतु अब जांच की आंच खुद लेखपाल तक पहुंच गई है। एसडीएम राजकुमार भास्कर ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि मुख्य आरोपी सुमित कुमार को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है और कर्तव्यपालन में विफल रहे लेखपाल को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। प्रशासन ने पुलिस विभाग को फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी के निर्देश दिए हैं ताकि सरकारी दस्तावेजों के साथ खिलवाड़ करने वाले इस गिरोह का पूर्णतः उन्मूलन किया जा सके। यह कार्रवाई भविष्य के लिए एक नजीर है कि भ्रष्टाचार में प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।


Advertisement
---समाप्त---