उत्तर प्रदेश के रामपुर जनपद अंतर्गत बिलासपुर थाना क्षेत्र में मानवता को झकझोर देने वाली एक घटना ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार सुबह करीब दस बजे केमरी तिराहे पर एक तेज रफ्तार जीप ने भटपुरा तारन निवासी शब्बू के ई-रिक्शा को सीधी टक्कर मार दी थी। इस हादसे में ई-रिक्शा पलट गया और चालक शब्बू बुरी तरह घायल हो गया। जब घायल शब्बू ने विरोध जताते हुए आरोपी को रोकने का प्रयास किया, तो जीप चालक मनप्रीत सिंह ने रुकने के बजाय वाहन को ई-रिक्शा चालक के ऊपर चढाने का प्रयास किया। अपनी जान बचाने के लिए ई-रिक्शा चालक जीप के बोनट पर ही चिपक गया, लेकिन आरोपी ने संवेदनहीनता दिखाते हुए जीप को रोकने के बजाए जीप को रोड पर गोल-गोल घुमाने लगा। इस दौरान सड़क पर चल रहे अन्य राहगीरों में भी दहशत फैल गई और लोग अपनी जान बचाते नजर आए।
पुलिसिया कार्यप्रणाली पर उठे सवाल और सुधार
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू पुलिस की शुरुआती कार्रवाई रही। बुधवार को घटना के तुरंत बाद पुलिस ने आरोपी मनप्रीत को हिरासत में तो लिया, लेकिन मामले की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए केवल शांतिभंग की धाराओं में उसका चालान कर दिया। इस ढुलमुल कार्रवाई के कारण आरोपी को तुरंत राहत मिल गई। हालांकि, जैसे ही इस हैवानियत का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैला और पुलिस के उच्च अधिकारियों तक पहुंचा, महकमे में खलबली मच गई। अपनी साख बचाने के लिए कोतवाली पुलिस ने तत्काल रुख बदला और आरोपी के खिलाफ सख्त कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू की। जनमानस में भी इस बात को लेकर काफी रोष देखा गया कि इतने गंभीर कृत्य को पुलिस ने शुरू में हल्के में क्यों लिया।
स्वतः संज्ञान और कानूनी शिकंजा
मामले ने जब तूल पकड़ा तो गुरुवार रात को कस्बा चौकी इंचार्ज योगेश कुमार ने पुलिस की ओर से स्वतः संज्ञान लेते हुए आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की। इस नई कानूनी प्रक्रिया के तहत शुक्रवार को पुलिस ने दबिश देकर आरोपी मनप्रीत सिंह को दूसरी बार गिरफ्तार किया। इसके साथ ही, अपराध में प्रयुक्त जीप को भी मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के अंतर्गत कुर्क कर लिया गया है। अपराध निरीक्षक मनीराम सिंह ने बताया कि अब मामले की जांच गंभीरता से की जा रही है और आरोपी के विरुद्ध ऐसी सख्त कानूनी पैरवी की जाएगी जिससे भविष्य में कोई भी व्यक्ति सड़क पर इस तरह की गुंडागर्दी करने का दुस्साहस न कर सके। वर्तमान में पुलिस साक्ष्यों को एकत्रित कर रही है ताकि न्यायालय में मामले को मजबूती से रखा जा सके।
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