उत्तराखंड बॉर्डर स्थित भानु प्रताप पब्लिक स्कूल में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस बेहद देशभक्तिपूर्ण जोश और गर्व के साथ मनाया गया। यह समारोह अनुशासन, सांस्कृतिक विरासत और प्रगतिशील भारत की भावना का अनूठा संगम रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत अंग्रेजी शिक्षक दया राम के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने मंच संचालन करते हुए याद दिलाया कि स्वतंत्रता दिवस केवल जश्न मनाने का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के प्रति जिम्मेदारियों को स्वीकारने का अवसर है। इसके बाद प्रिंसिपल महेश चंद्रा ने ध्वजारोहण किया और पूरा परिसर राष्ट्रगान की गूंज से भर गया।

समारोह को संबोधित करते हुए प्रिंसिपल महेश चंद्रा ने कहा कि स्वतंत्रता के साथ राष्ट्र निर्माण का दायित्व भी जुड़ा होता है। देश की उन्नति हर नागरिक के जिम्मेदार आचरण पर निर्भर करती है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन करते हुए छात्रों से ईमानदार, मेहनती और अनुशासित नागरिक बनने का आह्वान किया।
इस पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संपन्न कराने में स्कूल समन्वयक नेहा कंसवाल की प्रमुख भूमिका रही, जिनके कुशल मार्गदर्शन और शिक्षकों के सहयोग से पूरा कार्यक्रम गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

समारोह की सांस्कृतिक श्रृंखला की शुरुआत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद प्रतिभाशाली विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां दीं। मंच पर “संदेशे आते हैं और तिरंगा मिक्स”, शास्त्रीय नृत्य, “आरंभ है प्रचंड”, देशभक्तिपूर्ण योग, तिरंगा प्रस्तुति, भांगड़ा और “वंदे मातरम” की प्रस्तुति ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कक्षा 11 के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नाटक “ऑपरेशन सिंदूर” रहा। इस नाटक के माध्यम से छात्रों ने भारतीय सशस्त्र बलों के अदम्य साहस, समर्पण और जज्बे को सजीव रूप से पर्दे पर उतारा। कलात्मक योग और नृत्य के माध्यम से विविधता में एकता का संदेश दिया गया।

समारोह का समापन इस संदेश के साथ हुआ कि देशभक्ति केवल एक भावना नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति कर्तव्य है। पूरा प्रांगण “जय हिंद” के नारों से गूंज उठा। इस आयोजन ने छात्रों में यह चेतना जगाई कि भविष्य के भारत का स्वरूप आज के युवाओं के आचरण पर ही आधारित होगा।
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