रामपुर जनपद के बिलासपुर क्षेत्र के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। भाखड़ा नदी पर औपनिवेशिक काल (ब्रिटिश शासन) से बने बेहद जर्जर और क्षतिग्रस्त पुल के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने इस महत्वपूर्ण परियोजना के लिए 22 करोड़ 14 लाख 32 हजार रुपये की भारी-भरकम धनराशि को प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है।
सालों पुरानी मांग हुई पूरी
यह पुल नैनीताल हाईवे पर स्थित है और लगभग 100 साल से भी अधिक पुराना हो चुका है। अपनी उम्र पूरी कर चुके इस पुल की हालत काफी चिंताजनक थी, जिससे यहां आए दिन दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता था। क्षेत्रीय विधायक और कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने बताया कि इस पुल का पुनर्निर्माण क्षेत्रवासियों की दशकों पुरानी मांग थी, जिसे अब राज्य योजना के अंतर्गत पूरा किया जा रहा है।
विकास और सुरक्षा को मिलेगी नई गति
मंत्री औलख ने मंगलवार को मीडिया से बात करते हुए कहा कि नए पुल के बनने से क्षेत्र के हजारों लोगों को सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस बुनियादी ढांचे के मजबूत होने से स्थानीय व्यापार, शिक्षा और दैनिक जीवन से जुड़ी गतिविधियों में सुधार होगा। इस जनहितकारी निर्णय के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुंवर बृजेश सिंह का आभार प्रकट किया है।
क्षेत्रवासियों के लिए "नए साल की सौगात"
कृषि राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख ने इस निर्णय को "जनहितैषी सोच" का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि यह परियोजना राज्य योजना के अंतर्गत स्वीकृत हुई है, जो स्थानीय लोगों की दशकों पुरानी मांग थी। इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और लोक निर्माण विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कुंवर बृजेश सिंह का आभार व्यक्त किया है।
"यह पुल न केवल सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करेगा, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक और शैक्षिक विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा।" — बलदेव सिंह औलख
मिलक क्षेत्र को भी मिली बड़ी सौगात
भाखड़ा नदी के साथ-साथ, मंत्री औलख के एक अन्य प्रस्ताव पर पीलाखार नदी पर भी पुल निर्माण की मंजूरी मिली है। मिलक विकास खंड के ग्राम आदमपुर और बेहटा के बीच बनने वाले इस पुल पर 21 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे आसपास के सैकड़ों गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय और अन्य शहरों से आसान हो जाएगा। सेतु निगम को इन परियोजनाओं को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।